Tuesday, July 19, 2011

खांग्रेसियों आपकी प्यारी दीदी का हो पूरा भारतीय भाई

सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी गुनगुनाते हुये नुक्कड़ पर चले आ रहे थे हमे देखते ही बोले दवे जी प्यारी मम्मी आ रही हैं बधाई हो हमने छूटते ही कहा आपकी प्यारी दीदी को पूरा भारतीय भाई हो । शर्मा जी भड़क गये कहने लगे मर्यादा नाम की कोई चीज है कि नही दवे जी । हम सोच मे पड़ गये बड़ी देर सोचने के बाद कहा नही भाई भारतीय राजनीति मे मर्यादा नाम की कोई चीज नही है । शर्मा अभी भी उबल रहे थे बात राजनीती की नही है आपने निजी कमेंट किया है । हमने कहा निजी कहां है भाई सार्वजनिक है और कैटरीना कैफ़ भी तो यही कह रही है कि आपका बाबा आधा भारतीय है तो हमने उसके पूरा भारतीय होने की दुआ कर दी गलत क्या कहा । पूरा भारतीय हो जायेगा तो शादी करेगा जिस पर आपकी पार्टी गरीबो से चुराये पैसे से उन्ही को मिठाई खिलायेगी लड़का होगा या लड़की पूरी मीडीया व्यस्त हो जायेगी । देश भर के पंडित मौलवी भगवान से दुआ मांगने का कमीशन पायेंगे । विजय जुलूस मे पैसा देकर जुटाये गये लोगो के बच्चे आपके गुण गायेंगे । रोजगार गारंटी से बड़ी रोजगार की गारंटी हो जायेगी । देश की जनता कम से कम एक टाईम पूरा भोजन पायेगी


तभी किसी ने हमको झिंझोड़ा देखा शर्मा जी कह रहे हैं होश मे आओ दवे जी । आंख  पूरी खुली तो शर्मा जी कहने लगे हमारा बाबा अटल जी जैसा ब्रह्मचारी रहकर सेवा कर रहा है तो आपके पेट मे दर्द हो रहा है । हम मुस्कुराये कहने लगा अब आप होश मे आ जाओ भाई कहां राजा भोज कहां गंगू तेली । किससे तुलना कर रहे हो आज तक भाजपा ही न खोज सकी दूसरे अटल जी । अटल जी की वाणी मे सरस्वती का निवास था और ह्रुदय मे गरीबो के लिये पीड़ा । इतने लंबे राजनैतिक जीवन के बाद भी उन पर भ्रष्टाचार का एक छीटा तक न लग सका और तुहारे बाबा को विरासते मे स्विस एकाउंट मिला है ऐसा लोग बोलते हैं भाई ।


शर्मा जी फ़िर भड़क गये कहने लगे उस फ़िल्म एक्ट्रेस की बात पर कहते हो बाबा पूरा भारतीय नही है । हमारे बाबा को हिंदी पूरी आती है पद यात्रा करता है आम जनता से संवाद करता है । दलितो के घर मे जाकर उनकी टूटी फ़ूटी झोपड़ी मे सोता है वो क्या किसी पूरे  भारतीय से कम हैहमने पूछा यार शर्मा जी आजादी 64 साल तुम्हारी पार्टी के राज के बाद भी देश मे दलित हैं गरीब हैं  और उनके घर जाकर सोने का ढोंग करते हो शर्म नही आती । रही पूरा भारतीय तो मियां उसके लिये पूरा भारत दिखना चाहिये ये नही कि जहां विरोधी पार्टी की सरकार हो वहां नौटंकी करने पहुंच गये । वहां जाकर उखाड़ भी क्या लोगे वहां तो तुम्हारी सरकार है नही जो समस्या दिखेगी राज्य सरकार पर डाल होशियारी झाड़ चले आओगे


अरे भाई इतने बड़े शिवाजी बनते हो तो क्यों नही जहां अपनी सरकारे हैं वहां भी घूमते  पद यात्राएं करते हो । जाकर जमीन मे समस्याएं दूर करो भ्रष्ट अधिकारियो को वही खड़े होकर सजा दो अपनी पार्टी के मंत्रियों को लिप्त पाये जाने पर बर्खास्त करो । शहजादे हो केंद्र मे भी तुहारी सरकार राज्य मे भी तुम्हारी कहीं दिक्कत ही होगी ।  कहते हो विरोधी  रा्म रा्म भजते हैं तो तुम राम राज्य स्थापित कर दिखाओ । जनता जयजयकार करेगी बिना चेपटी पौवा मांगे स्वीकार करेगी । अपने राज्यो मे काम करके दिखाओगे तो जहां सरकार नही है वहां की जनता भी उसका साथ देगी । क्यो आज देश भर मे लोग नीतिश कुमार नरेन्द्र मोदी को पसंद कर रहे हैं । इनके पास तो एक एक ही राज्य हैं  तुम्हारे पास तो दसियो हैं । शर्मा जी खुश हो गये बोले बास आईडिया बुरा नही है फ़िर तो अपना बाबा पूरा भारतीय बन जायेगा न ।


मैने कहा भाई जब तक तुम्हारा बाबा दिग्गी जैसे विषदन्तो से घिरा है तब पूरा भारतीय नही बन सकता पूरा भारतीय होने के लिये सभी धर्म सभी समाज के लोगो को सम भाव से देखना होगा । यह नही कि उत्तर प्रदेश मे चुनाव है तो ओसामा जी कह दिया आंध्रा मे चुनाव है तो तिरूपति दर्शन करने पहुंच गये ।  देश को बाटोगे भाई तो तत्कालिक सफ़लता तो मिल जाती है पर परिणाम कई पीढ़ियों को झेलने पड़ते हैं । शर्मा जी ने सिर हिलाया कहने लगे हे स्वयंभू परम होशियार और कोई सलाह । हमने कहा बाकी तो कुछ नही अपना थोड़ा सा गम है वो सुन लो ।

हाय रे तेरी किस्मत हाय रे तेरा खेल
पडेरा के सर पर चमेली का तेल

शर्मा जी अपना गुस्सा दबाते हुये बोले अरे भाई प्यारी दीदी की शादी हो चुकी है और आपकी भी । श्रीमती भी आपको हमारी प्यारी दीदी से कम न मिली है फ़िर क्यों आहे भरते हो । हमने कहा भाई बात सुंदरता की नही है मियां बात जलवे कि है

एयरपोर्ट पर बिना चेकिंग , कस्टम राजाओ टाईप प्रवास ।


आगे पीछे दुम हिलाते  अधिकारी मंत्री आम और खास॥


बिना हाथ हिलाये बिना इनकम के अरबो की कमाई  ।

और दहेज मे स्विस एकाउंट किसको मिलता है भाई ॥


 फ़ोकट दवे सरनेम मे पैदा हुये हमारे बच्चे गांधी हो जाते ।


 जहां भी जाते तूफ़ान गरजती बरसती आंधी हो जाते ॥


शर्मा जी हमारे कंधे पर हाथ रखने की हिम्मत न होती ।


आत्मा भी आपकी सशरीर हमारे चरणॊ पर सोती ॥


बस इतना कहना था साहब कि हम सरपट भाग लिये ।

पीछे दौड़ रहे थे शर्मा जी आखों और हाथो मे आग लिये
Comments
12 Comments

12 comments:

  1. क्या यह सम्भव है?
    व्यंग्य लिखने में आप सिद्धहस्त हैं!

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  2. कहीं पे निगाहें कहीं पे ठिकाना ... जबरदस्त व्यंग ..

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  3. आपकी लेखनी का कोई जबाब नहीं है हमेशा की तरह धारदार और श्रेष्ठ व्यंग्य

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  4. धारदारव्यंग्य ......बहत ही अच्‍छा लिखा है आपने ।

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  5. बहुत जबरदस्त व्यंग्य है अरुणेश भाई....
    सादर...

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  6. मैं जन्म दिन की बधाई देने में एक दिन लेट हो गया.sorry अरुणेश जी.
    आपको जन्म दिन की हार्दिक बधाई.

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  7. फ़ोकट दवे सरनेम मे पैदा हुये हमारे बच्चे गांधी हो जाते.aur aish karte desh ke neta ho jate ghar baithe.

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  8. हम आपके साथ हैं, बशर्ते शर्मा जी के हत्‍थे मत चढ़ जाना.

    दुनाली पर-
    अन्‍ना को मनमौन की जवाबी चिट्ठी

    तीखा-तड़का
    नोट छपाई में आउटसोर्सिंग

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  9. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज सोमवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग इस ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो हमारा भी प्रयास सफल होगा!

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