नुक्कड़ में एक सज्जन पता पूछते पहुंचे, पूछा - "भाई वो मुफ़्त में सलाह देने वाले फ़ोकटचंद लेखक दवे जी कहां मिलेंगे"। हम तक वे पहुंचे तो मालूम पड़ा कि बाबा रामदेव नें हमें बुलाया है, सो हम पहुंचे उनके पास आशीर्वाद देने के बाद बाबा ने अपनी व्यथा बताई- "सरकार पत्रकारों के माध्यम से उटपटांग आरोप लगवा कर छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रही है"। हमने कहा- "बाबा जी मान लो आप नही दवे जी पतंजली के कर्ता धर्ता हैं, दीपक चौरसिया जी हम पर आरोप लगाते जायें और हम जवाब देते जायेंगे, आप उन जवाबो का रिहर्सल कर लेना और फ़िर आप की छवि सरकार नही बिगाड़ पायेगी।
बस क्या था दीपक चौरसिया के हमसे सवाल जवाब शुरू हुये।
दीपक चौरसिया - " दवेजी आप पर आरोप है कि आप ट्रस्ट और कंपनियों के माध्यम से जनता के धन का दुरूपयोग कर रहे हैं"।
दवेजी - "भाई हमको जनता ने बिना किसी शर्त के दान दिया, कि आप जो मर्जी चाहें, इस धन का उपयोग करें और हम योग के माध्यम से, दवाईयों के माध्यम से जन सेवा कर रहे हैं। अब यदि सरकार को लगता है कि दुरूपयोग हो रहा है, नियमो का उल्लंघन हो रहा है। तो जांच कराये हमको जेल भेज दे। हम इस सरकार के खिलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं। नयी सरकार आयेगी, फ़िर इनकी जांच होगी। बोलते हैं कि हमने एक करोड़ का घपला किया है तो दस साल की जेल दवे जी को दे दो और इन लोगो ने सौ लाख करोड़ के घपले कियें है तो इनकी सजा कितनी होगी यह जनता तय करेगी"।
दीपक चौरसिया - "दवेजी शीशे के घरों मे रहने वाले दूसरों पर पत्थर नही फ़ेकते, यह आप क्यों भूल गये थे"।
दवेजी - "हां भाई रहते हैं जीवन सार्वजनिक है, लोगों से रोज मिलते हैं। ये कांग्रेसी तो लोहे के घरो मे रहते हैं क्या करते हैं, जनता को मालूम ही नही पड़ता। इनकी अध्यक्षा बीमार हुयीं कब गयी, कब आयीं क्या बीमारी हुयी थी किसको पता चला। रटा रटाया बयान जारी कर दिया, आम आदमी मिलना तो छोड़ पास भी नही जा सकता"।
दीपक चौरसिया - " दवेजी आप पर आरोप है कि आप विदेशों मे द्वीप खरीद रहे हैं"।
दवेजी -" हां तो क्या गलत कर रहे हैं है इस देश मे और जमीन जोड़ रहे हैं। और ये कांग्रेस पार्टी तो शुरू से आज तक देश की जमीन लुटाते आयी है कभी पाकिस्तान को दे दिया, कभी चीन से हार गये और अब बंग्लादेश को दे रहे हैं, इनकी हिम्मत कैसे होती है दूसरों पर आरोप लगाने की"।
दीपक चौरसिया -" आप पर आरोप है कि आप अपने संबंधियों को ट्रस्ट और कंपनियों की जिम्मेदारी सौप रहे हो"।
दवेजी - "अरे भाई जनता ने इतने प्रेम और आदर के साथ हमे देश सेवा के लिये दान दिया है, तो किसी को तो काम मे लगाना होगा, ऐसे आदमी को जिस पर हमारा विश्वास हो। क्या इन कांग्रेसियों को काम पर लगाउं जो देश को लूट लूट कर खा रहे हैं। इन जैसे लोगो को लगा दूंगा तो ये ट्रस्ट दो साल में डूब जायेगा"।
दीपक चौरसिया - "पर आपके संबंधी इसमे घपले कर रहे हैं ऐसा आरोप है"।
दवेजी - "अरे भाई घपले कर रहे हैं, तो हर ब्रांच में मैं सीबीआई को बैठने का कमरा दे देता हूं। जनता के धन की सुरक्षा मे मन हरदम चिंतित रहता है। दीपक बाबू जनता देखती है कि आदमी कैसा है, तब दान देती है। इन कांग्रेसियों से पूछो, बाबा को इतने साल में बारह सौ करोड़ दान मे मिला, बाबा ने ट्रस्ट खड़ा कर दिया कांग्रेस के पास कितना पैसा आम आदमी से दान मे मिला हुआ है। व्यापारी और दलालों का चंदा हटा दो तो कांग्रेस कटोरा लेकर खड़ी हो जायेगी"।
दीपक चौरसिया - "दवेजी आप कहते हो कि आप साधु हो, आपके पास संपत्ती नही फ़िर आपने ट्रस्ट क्यों बनाये, कंपनिया क्यों बनाई ,आपके खर्चे तो इसी से पूरे होते हैं, आप जहां चाहे उपयोग कर सकते हो"
दवेजी - "अरे भाई जनता ने धन क्या जमीन मे गाड़ कर रखने को दिया है। उपयोग तो करना ही है, सवाल यह है कि सदुपयोग हो रहा है कि दुरूपयोग, यह जनता देख रही है। इस सरकार की तरह नही कि इंडियन एयरलाईन मिली और उसे पांच साल बाद भिखारी बना कर छोड़ दिया ।
दीपक चौरसिया - "आपके उपर आरोप है कि आप दवायें बेचते हो, मुनाफ़ा कमाते हो"।
दवे जी - "तो यह कांग्रेस बेच ले, मुनाफ़ा कमा ले किसी ने रोका है क्या, पर इनको तो घोटाला करके कमाना है, पसीना बहा कर नही. अरे भाई जनता की सेवा करना आसान है क्या। दीपक भाई सेवा पथ कठिन है, त्याग मांगता है, बदनामी भी होती है। डाबर कंपनी के मालिक से कोई नही पूछेगा कि पांच सौ प्रतिशत मुनाफ़ा क्यों कमा रहा है। क्यों क्योंकि वह मुनाफ़ा कमा कर घर ले जा कर आराम से जी रहा है। दवे जी गरीबों की, दलितों की पीड़ा देख कालाधन वापसी के संग्राम कर रहे हैं तो सबकी नींद हराम हो रही है"।
इंटरव्यू खत्म होते ही बाबा रामदेव ने हमको गले लगा लिया, वाह दवे जी मान गये आपको। हमने कहा- "बाबा जी एक आखिरी बात गांठ बांध लो, जो आप आर्थिक मामलों मे बयान देते हैं, कि दो % ट्राजैंक्शन टैक्स लगाओ बाकी टैक्स बंद करो आदि, अब आगे से न करना, आप साधू हो अर्थशास्त्री थोड़े ही हो, कोई भी लपेटे में लेगा तो आपसे जवाब देते नहीं बनेगा।
वैसे भी अर्थ शास्त्रियों का समय खराब चल रहा है देखते नही मनमोहन जी के मुंह से बोल नही फ़ूट रहा, मंहंगाई सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है। इसलिये बाबा आप केवल कालेधन और भ्रष्टाचार की बात करो न कोई पत्रकार, न सरकार आपके इस दावे को झुठला पायेगी, देश देख रहा कि कितनी बेईमानी हो रही है।
इतना सुन प्रसन्न बाबा ने हमसे कहा- "दवे जी आप जो चाहो मांग लो, हमने हाथ जोड़े बाबा आप ऐसी आयुर्वेदिक व्हिस्की तैयार करें कि हर पत्नी सोने से पहले पति से पूछे, क्यों जी तीन पैग पिये की नही और उस व्हिस्की के सौ लाभ गिनाये, न पीने पर होने वाली हजार हानियां गिना दे। बाबा ने हमें पक्का वचन दिया है देखना अब यह है कि बाबा अपनी ट्रेनिंग और वायदे पर खरे उतरते हैं कि नही।
बस क्या था दीपक चौरसिया के हमसे सवाल जवाब शुरू हुये।
दीपक चौरसिया - " दवेजी आप पर आरोप है कि आप ट्रस्ट और कंपनियों के माध्यम से जनता के धन का दुरूपयोग कर रहे हैं"।
दवेजी - "भाई हमको जनता ने बिना किसी शर्त के दान दिया, कि आप जो मर्जी चाहें, इस धन का उपयोग करें और हम योग के माध्यम से, दवाईयों के माध्यम से जन सेवा कर रहे हैं। अब यदि सरकार को लगता है कि दुरूपयोग हो रहा है, नियमो का उल्लंघन हो रहा है। तो जांच कराये हमको जेल भेज दे। हम इस सरकार के खिलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं। नयी सरकार आयेगी, फ़िर इनकी जांच होगी। बोलते हैं कि हमने एक करोड़ का घपला किया है तो दस साल की जेल दवे जी को दे दो और इन लोगो ने सौ लाख करोड़ के घपले कियें है तो इनकी सजा कितनी होगी यह जनता तय करेगी"।
दीपक चौरसिया - "दवेजी शीशे के घरों मे रहने वाले दूसरों पर पत्थर नही फ़ेकते, यह आप क्यों भूल गये थे"।
दवेजी - "हां भाई रहते हैं जीवन सार्वजनिक है, लोगों से रोज मिलते हैं। ये कांग्रेसी तो लोहे के घरो मे रहते हैं क्या करते हैं, जनता को मालूम ही नही पड़ता। इनकी अध्यक्षा बीमार हुयीं कब गयी, कब आयीं क्या बीमारी हुयी थी किसको पता चला। रटा रटाया बयान जारी कर दिया, आम आदमी मिलना तो छोड़ पास भी नही जा सकता"।
दीपक चौरसिया - " दवेजी आप पर आरोप है कि आप विदेशों मे द्वीप खरीद रहे हैं"।
दवेजी -" हां तो क्या गलत कर रहे हैं है इस देश मे और जमीन जोड़ रहे हैं। और ये कांग्रेस पार्टी तो शुरू से आज तक देश की जमीन लुटाते आयी है कभी पाकिस्तान को दे दिया, कभी चीन से हार गये और अब बंग्लादेश को दे रहे हैं, इनकी हिम्मत कैसे होती है दूसरों पर आरोप लगाने की"।
दीपक चौरसिया -" आप पर आरोप है कि आप अपने संबंधियों को ट्रस्ट और कंपनियों की जिम्मेदारी सौप रहे हो"।
दवेजी - "अरे भाई जनता ने इतने प्रेम और आदर के साथ हमे देश सेवा के लिये दान दिया है, तो किसी को तो काम मे लगाना होगा, ऐसे आदमी को जिस पर हमारा विश्वास हो। क्या इन कांग्रेसियों को काम पर लगाउं जो देश को लूट लूट कर खा रहे हैं। इन जैसे लोगो को लगा दूंगा तो ये ट्रस्ट दो साल में डूब जायेगा"।
दीपक चौरसिया - "पर आपके संबंधी इसमे घपले कर रहे हैं ऐसा आरोप है"।
दवेजी - "अरे भाई घपले कर रहे हैं, तो हर ब्रांच में मैं सीबीआई को बैठने का कमरा दे देता हूं। जनता के धन की सुरक्षा मे मन हरदम चिंतित रहता है। दीपक बाबू जनता देखती है कि आदमी कैसा है, तब दान देती है। इन कांग्रेसियों से पूछो, बाबा को इतने साल में बारह सौ करोड़ दान मे मिला, बाबा ने ट्रस्ट खड़ा कर दिया कांग्रेस के पास कितना पैसा आम आदमी से दान मे मिला हुआ है। व्यापारी और दलालों का चंदा हटा दो तो कांग्रेस कटोरा लेकर खड़ी हो जायेगी"।
दीपक चौरसिया - "दवेजी आप कहते हो कि आप साधु हो, आपके पास संपत्ती नही फ़िर आपने ट्रस्ट क्यों बनाये, कंपनिया क्यों बनाई ,आपके खर्चे तो इसी से पूरे होते हैं, आप जहां चाहे उपयोग कर सकते हो"
दवेजी - "अरे भाई जनता ने धन क्या जमीन मे गाड़ कर रखने को दिया है। उपयोग तो करना ही है, सवाल यह है कि सदुपयोग हो रहा है कि दुरूपयोग, यह जनता देख रही है। इस सरकार की तरह नही कि इंडियन एयरलाईन मिली और उसे पांच साल बाद भिखारी बना कर छोड़ दिया ।
दीपक चौरसिया - "आपके उपर आरोप है कि आप दवायें बेचते हो, मुनाफ़ा कमाते हो"।
दवे जी - "तो यह कांग्रेस बेच ले, मुनाफ़ा कमा ले किसी ने रोका है क्या, पर इनको तो घोटाला करके कमाना है, पसीना बहा कर नही. अरे भाई जनता की सेवा करना आसान है क्या। दीपक भाई सेवा पथ कठिन है, त्याग मांगता है, बदनामी भी होती है। डाबर कंपनी के मालिक से कोई नही पूछेगा कि पांच सौ प्रतिशत मुनाफ़ा क्यों कमा रहा है। क्यों क्योंकि वह मुनाफ़ा कमा कर घर ले जा कर आराम से जी रहा है। दवे जी गरीबों की, दलितों की पीड़ा देख कालाधन वापसी के संग्राम कर रहे हैं तो सबकी नींद हराम हो रही है"।
इंटरव्यू खत्म होते ही बाबा रामदेव ने हमको गले लगा लिया, वाह दवे जी मान गये आपको। हमने कहा- "बाबा जी एक आखिरी बात गांठ बांध लो, जो आप आर्थिक मामलों मे बयान देते हैं, कि दो % ट्राजैंक्शन टैक्स लगाओ बाकी टैक्स बंद करो आदि, अब आगे से न करना, आप साधू हो अर्थशास्त्री थोड़े ही हो, कोई भी लपेटे में लेगा तो आपसे जवाब देते नहीं बनेगा।
वैसे भी अर्थ शास्त्रियों का समय खराब चल रहा है देखते नही मनमोहन जी के मुंह से बोल नही फ़ूट रहा, मंहंगाई सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है। इसलिये बाबा आप केवल कालेधन और भ्रष्टाचार की बात करो न कोई पत्रकार, न सरकार आपके इस दावे को झुठला पायेगी, देश देख रहा कि कितनी बेईमानी हो रही है।
इतना सुन प्रसन्न बाबा ने हमसे कहा- "दवे जी आप जो चाहो मांग लो, हमने हाथ जोड़े बाबा आप ऐसी आयुर्वेदिक व्हिस्की तैयार करें कि हर पत्नी सोने से पहले पति से पूछे, क्यों जी तीन पैग पिये की नही और उस व्हिस्की के सौ लाभ गिनाये, न पीने पर होने वाली हजार हानियां गिना दे। बाबा ने हमें पक्का वचन दिया है देखना अब यह है कि बाबा अपनी ट्रेनिंग और वायदे पर खरे उतरते हैं कि नही।
अचछा धोया है आपने!
ReplyDeleteरामदेव बाबा को!
ha ha ha! kya baat hai dave saheb.... saari baat solid kahi aur wo bhi chutkeele dhang se.... daad deta hoon aapki lekhni ki.... aapne to deewana bana diya
ReplyDelete@ऐसी आयुर्वेदिक व्हिस्की तैयार करें कि हर पत्नी सोने से पहले पति से पूछे, क्यों जी तीन पैग पिये की नही और उस व्हिस्की के सौ लाभ गिनाये...
ReplyDeleteHa Ha Ha Ha Ha.........Mahua ki ek dukan aur khul jayegi.
दरअसल बाबा को मिडिया के इस तरह के दुष्प्रचार वाले सवाल का जबाब देने के लिए भी ट्रेनिंग लेनी चाहिए|
ReplyDeleteकाश बाबा तक आपका यह लेख पहुँच जाये|
आपके पोस्ट का लिंक बाबा रामदेव के फेसबुक एकाउंट में पोस्ट करने वाली हूँ ....
ReplyDeleteलाज़वाब और रोचक व्यंग ...
ReplyDeleteye lekh baba ramdev tak pahuncha diya jaye to pakka maniye ki acharya ki upadhi balkrishan se hatkar arunesh ji ko mil jaye baba ji ki taraf se.
ReplyDeleteऐसी आयुर्वेदिक व्हिस्की तैयार करें कि हर पत्नी सोने से पहले पति से पूछे, क्यों जी तीन पैग पिये की नही और उस व्हिस्की के सौ लाभ गिनाये, न पीने पर होने वाली हजार हानियां गिना दे। बाबा ने हमें पक्का वचन दिया है देखना अब यह है कि बाबा अपनी ट्रेनिंग और वायदे पर खरे उतरते हैं कि नही। ......हम भी प्रतीक्षा में हैं इसके ... :D
ReplyDeleteArunesh jee आपको अग्रिम हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. हमारी "मातृ भाषा" का दिन है तो आज से हम संकल्प करें की हम हमेशा इसकी मान रखेंगें...
ReplyDeleteआप भी मेरे ब्लाग पर आये और मुझे अपने ब्लागर साथी बनने का मौका दे मुझे ज्वाइन करके या फालो करके आप निचे लिंक में क्लिक करके मेरे ब्लाग्स में पहुच जायेंगे जरुर आये और मेरे रचना पर अपने स्नेह जरुर दर्शाए..
MADHUR VAANI कृपया यहाँ चटका लगाये
BINDAAS_BAATEN कृपया यहाँ चटका लगाये
MITRA-MADHUR कृपया यहाँ चटका लगाये
बाबा जी को भी लपेट लिया ...
ReplyDeletenice
ReplyDeletemain facebook ki discussion follow karte huye yahan aayan hun, bahut badhiya likha hai, par baba se ladkiyon ke baare mein kuch kehne ko kyun kah rhe the aap?wo nahin samajh aaya
ReplyDeleteha haha hah ahah ahah
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