Thursday, November 29, 2012

भारतीयों का "नुन्नू" सबसे छोटा


सुबह सवेरे हमारे पड़ोसी चिंताराम जी अत्यंत चिंतित अवस्था में हमारे पास पहुंचे। फ़ुसफ़ुसा कर बोले- ’ दवे जी गजब हो गया, अभी अभी सर्वे की खबर आयी है कि भारतीयों का सबसे छोटा होता है।" हमने कहा - ’देखो मियां दिल बड़ा होने का कोई फ़ायदा भी नहीं है। कोई दूसरी समां गयी तो भारतीय बीबीयां मार मार के छप्पर कर देती है।’ चिंताराम जी बोले -’ गुरू दिल नहीं सामान छोटा होता है’’ हमने कहा-  यार कौन सा सामान है आगे से बड़ा बनवा लिया जायेगा।’  चिंताराम जी का मुंह उतर गया- ’ बोले, अब कुछ नही हो सकता गुरू अनुवांशिक साईज है। आप समझ नहीं रहे हम उस सामान विशेष का बात कर रहे है जिससे प्रजनन होता है। यह बात बीबीयों को मालूम पड़ जायेगी तो हम लोग क्या मुंह दिखायेंगे। रोज टांट सुनने मिलेगा "है छोटा सा, बस बातें बड़ी बड़ी करवा लो।’ 



 हमने उन्हे ढांढस बंधाया - ’देखो चिंताराम जी अंग्रेजी में कहावत है, "When it happens to all it happens to none।" जब सभी भारतीयों का छोटा है तो यह कोई टांट का विषय नही। भगवान ने हर देश के आदमी औरत का डिजाईन एक दूसरे के हिसाब से न बनाया है भाई।  आजकल तो महिलायें खुद ही साईज जीरो के पीछे पड़ी हैं।' चिंताराम जी बोले -’ दवे जी लफ़्फ़ाजी से सच झूठ नहीं हो जाता।  इस खबर को सेंसर करवाईये,  वरना कहीं मुह दिखाने लायक नहीं रहा जायेगा’ हमने चिंतित अवस्था में कहा-  ’चिंताराम जी ये बताओ पाकिस्तानियों का साईज क्या है। ’ चिंताराम जी मुस्कुराते हुये बोले - ’ अपने ही बराबर का है गुरू। हमने कहा - ’ फ़िर तो टेंशन की बात नही है।  नही साले सुबह शाम छेड़ते,  इस मुद्दे पर जवाब देना भी मुश्किल हो जाता। अब  ये हिंदुओ को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ,  मुसलमानों को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ  बताने वालों को तो मुंह छुपाने का जगह भी नहीं मिलेगा। बड़े साईज वाला एक मिनट में कह देगा ’जा बे मेरा सात इंच का है तेरा सिर्फ़ चार का।"

चिंताराम जी भड़क गये - ’ दवे जी,   दुखी होने वाली बात पर दांत निपोर रहे हो। यहां हिंदुस्तानियो की मर्दानगी दांव पर लग गयी है और आप को ठिठोली सूझ रहा है। ’ हमने कहा - ’ काहे चिढ़कते हो भाई, सेक्स में सामान विशेष का साईज मैटर नहीं करता है यह वैज्ञानिक तथ्य है।  अपने बड़े बूढ़े कह भी गये है- ’बड़ा हुआ सो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर।’  फ़िर अपन भारतीय तो बच्चा पैदा करने में विश्व गुरू हईये हैं। चिंताराम जी बोले - " कुछ भी कहो दवे जी यह भारतीय मर्दों को बदनाम करने की साजिश है। हमने कहा - "भाई अब इसके लिये तो विश्व हिंदु परिषद और जमाते इस्लामी को  कुछ करना पड़ेगा। दिन रात एक दूसरे के साथ साजिश साजिश खेलते रहते है मिल कर विदेशियो की साजिश का सामना करें। वैसे यह मामला पूरे देश मे एकता ला सकता है। लोग धर्म जात भूल कर सामान विशेष के सम्मान की रक्षा के लिये एक जुट हो जायेंगे। मै तो कहता हूं केजरीवाल की ’आम आदमी पार्टी’ को इस मुद्दे को हाईजैक कर लेना चाहिये।"

चिंता राम जी गुस्से से बोले - " यार हर समय मजाक सूझता है आपको। मुद्दे पर आओ इस दुष्प्रचार के खिलाफ़ कुछ राह बताओ।" हमने कहा - ’ मियां यह सब सर्वे मनगढ़ंत होते है, आधे अधूरे तथ्य लेकर बहुत कम सैंपल साईज लेकर मन चाहा नतीजा निकाल लिया जाता है। देखते नहीं अपने चुनाव विष्लेषण को सब सर्वे वाले बाद में  मुंह छुपाते घूमते है।  आप  जिस देश के सामान विशेष की साईज सबसे बड़ी है उनका परफ़ारमेंस टाईम सबसे कम बना और छोटी साईज वालो का परफ़ार्मेंस टाईम सबसे अधिक कर थोड़ा हेर फ़ेर कर  अपना नतीजा घोषित कर दो। साईज से परफ़ामेंस टाईम ज्यादा मैटर करता है।’ इतना सुनते ही चिंताराम जी प्रसन्न होकर घर को लौट गये। और रही बात हमारी तो हमे कोई चिंता है ही नही। हम तो शादीशुदा हो बुढ़ापे की ओर अग्रसर हैं। चिंता कुंवारे करे कि सुंदरियां विदेशियो के प्रलोभन में न आ जायें। वैसे इस मामले में युवाओ को बाबा रामू का स्वदेशी आंदोलन ज्वाईन कर लेना चाहिये। बाबा रामू कोई जड़ी बूटी खोज भी लायेंगे। इस मामले में वे पतंजली रिषी के ताउ हैं। लौकी से गाजर तक नित नया डिस्कवरी करते रहते हैं। इससे पहले कि जापानी तेल वाले इस सर्वे का नतीजा उड़ा ले स्वदेशी बाबा क्या बुरा रहेगा। देश का पैसा और इज्जत दोनो देश में रही आयेगी। 
Comments
3 Comments

3 comments:

  1. बेहतरीन.....शानदार
    छोटा है किन्तु बड़ा मारक और प्रभावशाली है ;)
    बधाई
    और ये सोच कर बड़ा मज़ा आ रहा है कि समीक्षक इसे कौन सा सर्टिफिकेट देते हैं बहरहाल बधाई स्वीकारें एक उत्कृष्ट रचना के लिए...:)

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  2. वाह ! शानदार व्यंग्य !!

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