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Sunday, January 1, 2012

बाबा रामदेव को सत्ता सुंदरी का विरह वेदना पत्र

प्यारे बाबा

जब से आप रामलीला मैदान में,  मंच से कूद सलवार पहन कर जान बचा कर भागे हो। तब से आपके इंतजार में मेरी रातो की नींद खो गयी है। ये मुई मीडिया भी आपके बारे में कुछ बताती ही नही और आपको देखे बिना मुझे चैन आता नही।  आपके चेले चपाटी तो मीडिया को बिकाउ भांड और दिग्गी को डागी कह अपनी भड़ास निकाल ही लेते है। लेकिन मैं अबला,  बेबस कांग्रेस के शोषण से त्रस्त और मंत्रियो की लूट खसोट से पस्त,  कर ही क्या सकती हूं। खाली आपकी वह फ़ोटू देख मन बहला लेती हूं जिसमे आपके चरणो में पांच पांच मंत्री दंडवत लोट रहे थे।


आप मेरी वेदना के बारे मे क्या जानो, कसम से कहती हूं।  नेहरू जी से लेकर अटल जी तक अनेक राजनेताओं का साथ मुझे मिला है। यहा तक की मनमोहन जैसे  विश्व बैंक के बाबू को भी प्राप्त हो चुकी हूं। पर किसी बाबा के आलिंगन मे होने का टेस्ट कैसा होगा यही सोच सोच मेरा मन और विचलित हो जाता है। सोचिये तो कैसा अद्भुत दृष्य होगा,  कैबिनेट  की बैठक  अनुलोम विलोम से शुरू होगी।  कपालभांति कर,  कपाल से सारी बेईमानी को दूर कर चुके अफ़सर तन, मन और विदेशो से लौटे कालेधन के साथ देश की सेवा में लगे होंगे। आपके ट्रेनिंग कैंप से शस्त्र संचालन सीख चुकी और चरित्र निर्माण कर चुकी सेना सीमाओ में  देश के दुश्मनो को शीर्षासन करवा रही होगी।  गृह मंत्री स्वामी चिमटानंद होंगे जिनके मंत्रो और चिमटो के प्रहार से माओवादी से लेकर आतंकवादी तक त्राही त्राही कर उठेंगे। गह राज्यमंत्री असीमानंद तो आतंकवादियो के बिलो मे बम धमाका करवा के उनको खत्म कर ही देंगे।

वित्त मंत्री तो खैर आप ही होंगे,  सारे टैक्स हटाकर केवल दो % बाबा रामू ट्रांसैक्शन टैक्स लगेगा।  प्रमाणिकता के साथ देश मे महंगाई को दूर भगा राम राज्य की स्थापना होगी।  स्वास्थ मंत्री बाबा बालकॄष्ण,  अपनी आयुर्वेदिक पुड़िया और गोलियों की बदौलत,  देश से बिमारियां और लुटेरी विदेशी दवाई कंपनियो को  देश से दूर भगा रहे होंगे और सारे एलोपेथिक डाक्टर कंपाउंडरी कर घर चला रहे होंगे। महिला विकास मंत्री बाबा की प्यारी बहन,  साध्वी रितंभरा अपने ओजस्वी भाषणो से महिलाओ में जोश भर कर उन्हे रानी लक्ष्मी बाई बना रही होगी और बेचारे  भयभीत पतियो को बीते दिनो की याद आ रही होगी। विदेश मंत्रालय तो खैर इस्कान वाले संभाल ही लेंगे और दुखियारो का दर्द सामाजिक कल्याण मंत्री निर्मल बाबा हर लेंगे।  उनकी किरपा चहुं ओर फ़ैलेगी और उनका समागम अटेंड करने वाले या अपनी आय का दसवा हिस्सा उनको दसवंद के रूप में भेजने वालो की महिमा,  रतन टाटा और मुकेश अंबानी की कीर्ती हर लेगी।

प्यारे बाबा और क्या कहूं,  मेरी मां  भारती का फ़ोटू और देश भक्ति के नारे आप ले ही चुके हो। लेकिन फ़िर भी कुछ राय दे देती हूं,  कि मुझ तक पहुंचने की आपकी राह आसान हो जाये। फ़िल्हाल मैने आपको यह बताने के लिये पत्र लिखा है कि कांग्रेस की राहुल गांधी लोकपाल बिल गारंटी योजना ध्वस्त हो गई है और जनता नेताओ से त्रस्त हो चुकी है। प्यारे बाबा,  मैं सच कहती हूं कि अब अनशनियाने का स्वर्णिम मौका है। अन्ना भी लोकपाल छोड़,  परलोकपाल लाने में व्यस्त हो चुका है। और उनके मुंशी मैनेजरो का समूह फ़िल्हाल प्रमाणिकता खो चुका है।

आपके मैदान में आते ही, सारे देश की जनता आपके साथ हो लेगी। पर प्यारे बाबा मेरा दिल भी घबराता है कि आप पिछली गलतियां न दोहरा दें। सलवार आपको मैने अपनी निशानी के रूप मे दी थी और आप उसे पहन के भाग लिये। प्यारे बाबा, राजनैतिक अनशन में पुलिस आये तो गिरफ़्तारी देनी पड़ती है। सुप्रीम कोर्ट का कोई वकील साथ रख लेना कि पुलिस बिना वारंट के गिरफ़्तार न कर सके और करने के बाद दिल्ली से बाहर न भेज सके। और आपको क्या कहूं खाली बूढ़े,  महिलाओ और बच्चो को अनशन मे मत बुलाना। न ही पूरे मोहल्ले को ले अनशनियाना और हां अन्ना से लंबे अनशन का फ़ार्मूला जरूर सीख आना। पिछली बार आप शहद लिंबू चाट कर भी पांच दिन भी नही टिक पाये थे। असली राज यह था कि आप तनाव में थे और सारा कार्यभार खुद संभाल रहे थे ऐसे शरीर की उर्जा जल्दी खत्म हो जाती है। वैसे भी भाजपा शासित राज्यो मे अनशन करने से कांग्रेस को फ़र्क नही पड़ता था। सो इस बार शांती से अनशन करना,  व्यव्स्था दूसरो को देखने देना और कम से कम बात करना ताकि अनशन लंबा खिंच सके।


प्यारे बाबा,  इन मीडिया वालो को कोसने भर से काम नही चलेगा।  कुछ सेटिंग गोटी भी फ़िट करनी होगी नही तो आप देख ही रहे हो चौसठ साल से संघ मीडिया हाय हाय कर रहा है, पर नतीजा ढाक के तीन पात ही है।  मै सच कहती हूं बाबा, कि आपकी फ़ौज के सेनापति आपको मुझ तक पहुंचाने से ज्यादा आपको और आपके समर्थको को पिटवाने में  आतुर है। ताकि देश में जनाक्रोश की लहर उठा खुद सत्ता पर सवार हो जाये। इसलिये प्यारे बाबा सेनापतियो का छटनी करके, अच्छे सलाहकार भर्ती कीजिये।  सीबीआई और बाकी जांच एजेंसियो से डरने की जरूरत नही है।  मेरे आगोश मे समाते ही आप आरोप प्रूफ़ हो जायेंगे और आपके दुश्मन तिहाड़ की हवा खायेंगे।


आपकी विरह वेदना मे व्याकुल

आपकी अपनी सत्ता सुंदरी

पुनःश्च-  प्यारे बाबा, जरा बयानबाजी से बचना हाल ही मे मैने एक सीरियल देखा था "तोल मोल के बोल" आप भी देखियेगा और बयानो के लिये आठ दस प्रवक्ता रख लीजियेगा।

Friday, October 21, 2011

मुस्लिम युवा आत्मह्त्या नही करते ~~~~हिंदू युवा ही क्यों करते है

मियां बात ऐसी है कि आज अनवर जमाल साहब की पोस्ट "क्यों मर रहे हैं उच्च शिक्षित हिंदू युवा।"  पढ़ते ही दिमाग झनझना गया। संघ का तो कोई आदमी जवाब क्या देता, वो तो बेचारे "हम अन्ना के समर्थन में हूं" में व्यस्त हैं। और कांग्रेस अन्ना वादियों को चोर साबित करने में। अब अनवर जमाल साहब ने लेख लिखा और उनके जैसे महानतम सर्वधर्मी विद्वान के लेख पर अगर प्रतिक्रिया न आये तो समझिये कि यह उनका अपमान है। खैर अपमान करने वाले हम सभी का मुफ़्त में अपमान कर ही देते हैं।  वो तो भला हो  कि टिप्पणी में कुछ फ़ंदा लगाया है,  वरना लेखकों की इज्जत उतारना आसान सा काम है। किसी ने लिखने में दिन लगाया और किसी ने इज्जत उतारने में सिर्फ़ "अमां इस गवांर को लेखक किसने बनाया"  लिख दिया और लेखक गया तेल लेने।

खैर हम साहब हिंदू है सो पहली चिंता तो यह हुयी कि हिंदू युवा क्यों मर रहे हैं। दूसरे हमारे बच्चे पढ़ लिख कर उच्च शिक्षित बनें ऐसी हम रोज भगवान से  दुआयें करते हैं। सो हमने लेख खोला.  उसमे लिखा तो कुछ न था, खाली एक उच्च शिक्षित हिंदू युवा के आत्म हत्या की खबर थी। हमारा दिल धड़का कि मियां जब कुछ कहा ही नही,  दिग्विजय सिंग टाईप खाली फ़ोकट लोगो का ध्यान खींचने के लिये हेडिंग लगा दी तो हम जवाब दें क्या। हमारा हाल लगभग अन्ना की तरह हो गया और जमाल साहब हेडिंग लगा कर दिग्विजय सिंग की तरह मजा ले रहे थे। खैर हमने दिमाग लगाया कि हिंदू उच्च शिक्षित युवा ही आत्म हत्या करते हैं और मुस्लिम उच्च शिक्षित युवा नही करते । इसका जवाब या तो कुरान मे मिलेगा या वेदों में,  वेद्कुरान ब्लागस्पाट में तो खैर नही मिल सकता कि मियां जमाल साहब ही चलाते हैं और उन्हे मालूम होता तो वे यह सवाल उठाते ही क्यों।


सो हमने एक इसाई को खोजा कि भाई ये आदमी  मामले को सुलझायेगा। सो पीटर से हमने पूछा- कि साहब फ़र्क क्या है।"  वे बोले- "भाई हिंदू खुद मरता है और मुसलमान सबको ले मरता है।" हमने कहा- " भाई बात विस्तार से कहो।"  वे बोले- " मुसलमान को जब दुनिया से निराशा होती है तो चला जाता है मौलवी के पास। मौलवी न केवल उसे जन्नत नशीं होने का सर्टीफ़िकेट देता है बल्की,  उसके खानदान वालों को पैसे भी देता है बशर्ते कि ऐसा आत्मह्त्या करने वाला इस्लाम के लिये मारने जा रहा हूं का वीडियो खिंचवा ले और आत्म घाती हमला कर दे।"

अब साहब अमेरिका का पाकिस्तान से संबंध टूट चुका है और बेगम हिलेरी कल पाकिस्तान भी आ रही है कि आतंकवाद को रोको वरना अमेरिका पाकिस्तान पर हमला कर देगा । सो हमने सोचा कि इसाईयों की बात सुनना आज सही नही,  बेचारे पाकिस्तान और मुस्लिम भाईयों को पहले जेहाद का लारी लप्पा दिया और अब मामला उल्टा पड़ा तो पाकिस्तान पर हमले की बात कह रहे हैं।


अब हमने सोचा कि किसी धर्म निरपेक्ष आदमी से पूछा जाये,  सो हमने कमल वामपंथी से पूछा,  वे हंसने लगे,  बोले-  "भाई मुस्लिम उच्च शिक्षा को प्राप्त करेंगे तब न आत्म हत्या करेंगे । अभी तो बेचारे कांग्रेस के मारे,  साठ साल बाद भी अधिकाशंतः अनपढ़ है। अंगूठा छापी मे वोट देते है, कांग्रेस इसी का तो खा रही है,  भाजपा भी इसीलिये तो हिंदूओं का बजा रही है। भाई भारत मे वोट विकास के नाम पर नही,  धर्म और जातीवाद के नाम पर पड़ता है। वरना देश में भाजपा, कांग्रेस नही ऐसी पार्टी होती जो भारत वादी होती।


हमने कहा- " कमल जी,  बाकी तो हम समझ गये पर यह नही समझे कि अनवर जमाल साहब ऐसा क्यों लिखते हैं। "कमल जी हंसने लगे बोले - " भाई उसको अल्लाह ने ठेका देकर भेजा है कि तूने सौ लोगो को मुसलमान बना लिया तो तुझे मैं जन्नत अता फ़रमाउंगा।" हमने कहा- "कमल जी अगर हम सौ लोगो को हिंदू बना दें तो क्या हमको स्वर्ग मिल जायेगा।" वे हंसने लगे, बोले - मियां, आप पहले हिंदू बन जाओ और अनवर जमाल मुसलमान  फ़िर हमारे पास आना,  अल्लाह और भगवान तुम दोनो को जन्नत अता फ़रमा देंगे। यही तो लिखा है वेद और कुरान में कि धर्म के अनुसार आचरण करो, अच्छे इंसान बनो, दूसरों की पीड़ा और दर्द को समझो और किसी को तकलीफ़ न पहुंचाओ तो तुम्हे स्वर्ग या जन्नत की प्राप्ती होगी।"