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Thursday, November 29, 2012

भारतीयों का "नुन्नू" सबसे छोटा


सुबह सवेरे हमारे पड़ोसी चिंताराम जी अत्यंत चिंतित अवस्था में हमारे पास पहुंचे। फ़ुसफ़ुसा कर बोले- ’ दवे जी गजब हो गया, अभी अभी सर्वे की खबर आयी है कि भारतीयों का सबसे छोटा होता है।" हमने कहा - ’देखो मियां दिल बड़ा होने का कोई फ़ायदा भी नहीं है। कोई दूसरी समां गयी तो भारतीय बीबीयां मार मार के छप्पर कर देती है।’ चिंताराम जी बोले -’ गुरू दिल नहीं सामान छोटा होता है’’ हमने कहा-  यार कौन सा सामान है आगे से बड़ा बनवा लिया जायेगा।’  चिंताराम जी का मुंह उतर गया- ’ बोले, अब कुछ नही हो सकता गुरू अनुवांशिक साईज है। आप समझ नहीं रहे हम उस सामान विशेष का बात कर रहे है जिससे प्रजनन होता है। यह बात बीबीयों को मालूम पड़ जायेगी तो हम लोग क्या मुंह दिखायेंगे। रोज टांट सुनने मिलेगा "है छोटा सा, बस बातें बड़ी बड़ी करवा लो।’ 



 हमने उन्हे ढांढस बंधाया - ’देखो चिंताराम जी अंग्रेजी में कहावत है, "When it happens to all it happens to none।" जब सभी भारतीयों का छोटा है तो यह कोई टांट का विषय नही। भगवान ने हर देश के आदमी औरत का डिजाईन एक दूसरे के हिसाब से न बनाया है भाई।  आजकल तो महिलायें खुद ही साईज जीरो के पीछे पड़ी हैं।' चिंताराम जी बोले -’ दवे जी लफ़्फ़ाजी से सच झूठ नहीं हो जाता।  इस खबर को सेंसर करवाईये,  वरना कहीं मुह दिखाने लायक नहीं रहा जायेगा’ हमने चिंतित अवस्था में कहा-  ’चिंताराम जी ये बताओ पाकिस्तानियों का साईज क्या है। ’ चिंताराम जी मुस्कुराते हुये बोले - ’ अपने ही बराबर का है गुरू। हमने कहा - ’ फ़िर तो टेंशन की बात नही है।  नही साले सुबह शाम छेड़ते,  इस मुद्दे पर जवाब देना भी मुश्किल हो जाता। अब  ये हिंदुओ को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ,  मुसलमानों को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ  बताने वालों को तो मुंह छुपाने का जगह भी नहीं मिलेगा। बड़े साईज वाला एक मिनट में कह देगा ’जा बे मेरा सात इंच का है तेरा सिर्फ़ चार का।"

चिंताराम जी भड़क गये - ’ दवे जी,   दुखी होने वाली बात पर दांत निपोर रहे हो। यहां हिंदुस्तानियो की मर्दानगी दांव पर लग गयी है और आप को ठिठोली सूझ रहा है। ’ हमने कहा - ’ काहे चिढ़कते हो भाई, सेक्स में सामान विशेष का साईज मैटर नहीं करता है यह वैज्ञानिक तथ्य है।  अपने बड़े बूढ़े कह भी गये है- ’बड़ा हुआ सो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर।’  फ़िर अपन भारतीय तो बच्चा पैदा करने में विश्व गुरू हईये हैं। चिंताराम जी बोले - " कुछ भी कहो दवे जी यह भारतीय मर्दों को बदनाम करने की साजिश है। हमने कहा - "भाई अब इसके लिये तो विश्व हिंदु परिषद और जमाते इस्लामी को  कुछ करना पड़ेगा। दिन रात एक दूसरे के साथ साजिश साजिश खेलते रहते है मिल कर विदेशियो की साजिश का सामना करें। वैसे यह मामला पूरे देश मे एकता ला सकता है। लोग धर्म जात भूल कर सामान विशेष के सम्मान की रक्षा के लिये एक जुट हो जायेंगे। मै तो कहता हूं केजरीवाल की ’आम आदमी पार्टी’ को इस मुद्दे को हाईजैक कर लेना चाहिये।"

चिंता राम जी गुस्से से बोले - " यार हर समय मजाक सूझता है आपको। मुद्दे पर आओ इस दुष्प्रचार के खिलाफ़ कुछ राह बताओ।" हमने कहा - ’ मियां यह सब सर्वे मनगढ़ंत होते है, आधे अधूरे तथ्य लेकर बहुत कम सैंपल साईज लेकर मन चाहा नतीजा निकाल लिया जाता है। देखते नहीं अपने चुनाव विष्लेषण को सब सर्वे वाले बाद में  मुंह छुपाते घूमते है।  आप  जिस देश के सामान विशेष की साईज सबसे बड़ी है उनका परफ़ारमेंस टाईम सबसे कम बना और छोटी साईज वालो का परफ़ार्मेंस टाईम सबसे अधिक कर थोड़ा हेर फ़ेर कर  अपना नतीजा घोषित कर दो। साईज से परफ़ामेंस टाईम ज्यादा मैटर करता है।’ इतना सुनते ही चिंताराम जी प्रसन्न होकर घर को लौट गये। और रही बात हमारी तो हमे कोई चिंता है ही नही। हम तो शादीशुदा हो बुढ़ापे की ओर अग्रसर हैं। चिंता कुंवारे करे कि सुंदरियां विदेशियो के प्रलोभन में न आ जायें। वैसे इस मामले में युवाओ को बाबा रामू का स्वदेशी आंदोलन ज्वाईन कर लेना चाहिये। बाबा रामू कोई जड़ी बूटी खोज भी लायेंगे। इस मामले में वे पतंजली रिषी के ताउ हैं। लौकी से गाजर तक नित नया डिस्कवरी करते रहते हैं। इससे पहले कि जापानी तेल वाले इस सर्वे का नतीजा उड़ा ले स्वदेशी बाबा क्या बुरा रहेगा। देश का पैसा और इज्जत दोनो देश में रही आयेगी। 

Monday, April 2, 2012

राहुल गांधी हाजिर हो

अदालत खचाखच भरी हुयी थी। कांग्रेसियों के राजकुमार राहुल गांधी उर्फ़ अमूल बेबी कटघरे में खड़े हुये थे। उन पर मुकदमा दर्ज करने वाले वकील बाबा रामदेव थे, वकीले सफ़ाई स्वयं हम याने दवे जी। कार्यवाही शुरू करने का आदेश पाते ही बाबा फ़ट पड़े - "माई लार्ड,  इस देश को लूट लूट कर गद्दारो ने सारा कालाधन बाहर छिपा दिया है। अगर आपने सही न्याय नही किया तो जो हाल गदाफ़ी का हुआ था। देश की जनता लूटने वालो का भी मार मार के वही हाल करेगी। हालांकि माई लार्ड मै अहिंसा का पुजारी हूं और जनता से अपील करता हूं कि हिंसा का रास्ता न अपनाये।"
हमने पूछा - "माई लार्ड मेरे काबिल दोस्त  राहुल गांधी का संबंध कालाधन से साबित करें।"
बाबा रामदेव ने शांती से जवाब दिया - "माई लार्ड हमने किसी का नाम नही लिया है।"

हमने जवाब दिया - माई लार्ड इस देश की जनता जिस दिन भड़क जायेगी उस दिन गोली, चूरण टिका के और फ़र्जी योगा सिखा के  जनता को गुमराह करने वाले ठगो को पीट पीट कर मारेगी। हालांकि माई लार्ड हम भी अहिंसा के पुजारी है और जनता से अपील करते हैं कि कानून हाथ में न ले।
बाबा रामदेव उछल कर खड़े हो गये बोले - माई लार्ड हम प्रमाणिकता के साथ इतने साल से लोगो को योग सिखा रहे हैं। हम जो है ब्लड प्रेशर, हार्ट प्राब्लम, कैंसर का इलाज कर लोगो को जीवन दे रहे हैं। और वकीले सफ़ाई हम पर  झूठा आरोप लगा रहे हैं।
हमने कहा-  "माई लार्ड चोर की दाढ़ी मे तिनका, हमने भी बाबा रामदेव का नाम कहां लिया।"

खिसिया कर बाबा रामदेव ने अदालत में एक पत्रिका लहराई बोले - माई लार्ड, ये देखिये जरमनी की एक पत्रिका है इसमे साफ़ दिया हुआ है कि भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री का अरबो डालर स्विस बैंक में जमा है। और वे इन राहुल गांधी के क्या लगते थे ये तो साफ़ ही है।
हमने अदालत में इंडिया टुडे से लेकर आउटलुक तक दस पत्रिकायें लहराईं -  "माई लार्ड इनमें साफ़ दिया हुआ है कि बाबा के ट्रस्ट में ठगी से लेकर सगे संबंधियो की भर्ती तक और दवाईयो में लद्दी से लेकर हड्डी तक की मिलावट है। इसलिये माई लार्ड आप से अनुरोध है कि इन पत्रिकाओ के आधार पर बाबा रामदेव और मेरे मुव्वकिल  बाबा राहुल  दोनो को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाये।"


बाबा रामदेव सकपका गये, मरी हुई आवाज मे बोले - "माई लार्ड पत्रिकाओ के आरोप सही नही होते।"
हमने कहा-  "तो बाबा जी ऐसा आरोप लगाओ जो सही भी हो और आप साबित भी कर सको।"

बाबा रामदेव फ़िर भिड़ गये, बोले - "माई लार्ड,  आरोपी ने  आतंकवादियो को दामाद बना कर रखा हुआ है। अजमल कसाब ने मुंबई में सैकड़ो मासूमो की जान ली। उसको फ़ांसी पर लटकाना तो छोड़िये, वोट बैंक की राजनीती के लिये उसको मुर्ग मुस्सलम खिला रहे हैं। जिस जनता की सुरक्षा का जिम्मा इनके उपर है, उसको तो रामलीला मैदान में आधी रात को पीटते हैं। और देश द्रोही की सुरक्षा के उपर करोड़ो रूपये उसी जनता के लुटा रहे हैं।

जज ने हमे घूर कर देखा मानो कसाब को मुर्ग मुसल्लम राहुल गांधी नही हम ही खिला रहे हो।
हमने संभल कर जवाब दिया -"माई लार्ड हमारे देश मे  श्रद्धेय अंबेडकर जी का बनाया संविधान है जिसके तहत किसी को भी सजा देने के पहले न्यायिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है कि किसी बेगुनाह को सजा न हो। अब इन्ही बाबा रामदेव को ले लीजिये। सरकार के खिलाफ़ इतना बड़ा आंदोलन चला रहे हैं। अगर संविधान और न्यायपालिका न हो तो क्या सरकार इन्हे उठा कर बंद नही कर देती अब तक। और माई लार्ड अगर ये बाबा लोग ही सजा सुनाने लगे तो फ़िर आपकी जरूरत ही क्या है। सरे जजो को नौकरी से निकाल देना चाहिये। "


नौकरी पर खतरा देखते ही जज साहब बाबा पर भड़क गये - " क्या अनाप शनाप दलील देते हो जी, कोई ढंग की बात हो तो कहो वरना मुकदमा खारिज। "
बाबा  सीना तान कर बोले - माई लार्ड,  पूछिये इनसे कि अफ़जल गुरू को तो सारी अपील सुनने के बाद उसे खारिज कर फ़ांसी की सजा हुयी है। माई लार्ड सुप्रीम कोर्ट ने उसे सजा ए मौत दी थी। उसको क्यों ये दस सालो से दामाद बना कर पाल रहे हैं।  माई लार्ड  आप ही फ़ैसला करें कि आतंकवादियो को दामाद की तरह पालने वालो को क्या सजा मिलनी चाहिये।
हमने जवाब दिया - माई लार्ड उसको फ़ांसी देने से शांत पड़े कश्मीर में हिंसा फ़ैल जायेगी। पूरी घाटी में रक्तपात होगा, हमारे जवानो को शहीद होना पड़ेगा। और माई लार्ड भले फ़ांसी नही हो रही जेल मे तो बंद है छोड़ तो नही रहे। सड़ने दीजिये जेल में काहे फ़ांसी देना।

बाबा रामदेव क्रोध मे भर कर बोले- माई लार्ड, भारत माता के सपूत जान न्योछावर करने को तैय्यार हैं। हम तो सेना बनाकर ही देश सेवा में लगाने वाले थे, हमे तो रोक दिया गया। फ़िर बाबा ने गेयर बदला, जज को ही मक्खन लगाने लगे, बोले-  "माई लार्ड, आप अपने को ही लीजिये। अगर आप डरते तो क्या प्रतिदिन खतरनाक अपराधियो को सजा दे पाते। माई लार्ड अब इस देश को आपकी तरह बहादुर हो हिंसा से डरे बिना सजा देना ही होगा। "

जज साहब, बाबा के मक्खन पर फ़िसल गये। सीना तान कर बोले-  "भारत की न्यायवय्वस्था किसी आतंकवादी से नही डरती  दवे जी।  मुजरिम राहुल बाबा ने केवल संविधान का मजाक उडाया है। बल्कि वोट बैंक की राजनीती के खातिर शिवाजी और लक्ष्मी बाई की वीरोचित परंपरा को भी तिलांजली दे दी है। अतः यह अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि.............।
हमने बीच में गुहार लगाई-  "माई लार्ड, आपको हमारी आखिरी दलील सुनना ही पड़ेगी। आखिर सवाल करोड़ो कांग्रेसियो के राजकुमार का है। जज ने हमे घूर कर कहा - " जो कहना है फ़टाफ़ट कहिये।" हमने कहा "माई लार्ड आखिरी दलील हम आफ़ द रेकार्ड देना चाहेंगे। यह बात देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी हुयी है।" बाबा के विरोध के बावजूद जज ने हमें चैंबर में बुला दलील रखने की इजाजत दे दी।

हमने कहा- "माई लार्ड इन आतंकवादियों को  जेहाद करने से जन्नत मिलेगी, अप्सराये मिलेगी के नाम से सब्जबाग दिखाये जाते है। उसी जन्नत को पाने के लिये ये आत्मघाती हमलावर बनते हैं। माई लार्ड क्या आप चाहते है कि सैकड़ो मासूमो को मारने वाले खुशी खुशी फ़ांसी का फ़ंदा गले में डाले।" जज ने अचकचा कर हमे घूरा, बोले - "आप कहना क्या चाहते हो।"

हमने कहा- "माई लार्ड, मेरे मुवक्किल देश भक्त राहुल गांधी ने फ़ैसला किया है कि इनको फ़ांसी न देकर बीमारी से, बुढापे से मरने दिया जाये। ताकी ये तिल तिल कर मरें कि जिस जन्नत के लिये इन दुष्टो ने जिहाद किया था वो उनको कभी न मिले।" जज के भेजे मे बात घुसने लगी थी, उन्होने क्रास कोश्चन किया - "अरे भाई ये दिन भर अल्लाह से दुआ कर शहीद न हो पाने को  सरकार का दोष बतायेंगे। और जन्नत नशीं करने की गुजारिश करेंगे।" हमने विजयी मुस्कान निपोरते हुये कहा -"माई लार्ड हमारे अमूल बेबी ने कच्ची गोलिया नहीं खेली हैं। ऐसा वीआईपी ट्रीटमेंट वाला इंतजाम कर रखे है कि ये साले आतंकवादी पूरा टाईम कुफ़्र में लगे रहे। एक से एक ठांय ठांय फ़ोटॊ चिपकवा दिये है उनके कमरे में। वीना मलिक से लेकर सन्नी लियोन तक का। क्या कहें माई लार्ड, कहने मे भी लजा रहे है।  दिन भर ऐसा ऐसा नीला पीला पिक्चर दिखाया जाता  हैं उनको कि बेचारे उपर की हूरो को भूल दिन भर गुनाहे अजीम में लगे रहते हैं। बेचारे दिन भर रहम की गुहार लगाते रहते हैं कि खुदा के वास्ते हमे दोजख के रास्ते पर मत ढकेलो। लेकिन हमारे राहुल बाबा नही पिघलते।  सच मानिये हजूर  बेचारों का जन्नत के लिये तड़पना तो हमसे देखा भी नही जाता है।"

इतना सुनते ही जज कुर्सी से उछल पड़े बोले - "वाह वाह मानना पड़ेगा राहुल बाबा की चाल एकदम गजब है। चलिये  राहुल बाबा को  बाईज्जत बरी किया जाये।" हमने कहा-  "क्या कहते हैं हुजूर ये बात इस कमरे के बाहर नही जाना चाहिये।  कही मुल्लाओं को मालूम पड़ गया तो जन्नत की राह में आने वाले हमारे राहुल बाबा के खिलाफ़ फ़तवा जारी कर देंगे। और  बाबा रामदेव को भी बताई नही जा सकती। कोई भरोसा नही कब क्या बयान दे सारी पोल खोल दे।"  जज साहब उलझन में पड़ गये बोले - "भाई, बिना कारण बताये  बाईज्जत बरी तो नही किया जा सकता न,  बड़ा सेंसेटिव मामला है ।" हमने कहा- " माई लार्ड, हमको बाईज्जत बरी करवाना ही नही है। हम तो चाहते ही है कि हमारे मुवक्किल को सजा हो।" जज हम पर भड़क गये बोले - "ऐसे महान देश भक्त को सजा पागल तो नही हो गये हो।" हमने कहा- "माई लार्ड अभी राहुल बाबा की कुंडली में शनी दसवे भाव मे बैठा है। जहा प्रचार करने जाते है पार्टी का लुटिया डूब जाता है।  अब तो नौबत यह है कि खुद जीतेगा कि नही इस पर भी शंका होने लगा है। सो इसी केस के बहाने हम चाहते है कि आप उन पर चुनाव लड़ने और चुनाव प्रचर करने पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दे। इज्जत का इज्जत रह जायेगा और देश का टाप सीक्रेट बाहर भी नही आयेगा।
खैर साहब जज साहब ने हमारी बात मानते हुये यही आदेश सुना दिया। जब हम अदालत से बाहर निकल रहे थे तो बाबा रामदेव की प्रेस कांफ़्रेस चल रही थी और उनकी आवाज हमारे कानो तक पहुंची। " आज की जीत हमारी पहली जीत है। हम जो है देश मे व्यवस्था परिवर्तन कर देंगे, काला धन ले आयेंगे 2%  ट्रांस्कैशन टैक्स लगा सारे टैक्स खतम कर देंगे। लुटेरे खानदान का हाल गदाफ़ी के जैसा होगा , गोबर से बिजली बना हम स्वदेशी भारत बनायेंगे ...........................।" इतना सुन हमने मन ही मन तय किया ये बाबा जिस दिन कानून के लफ़ड़े मे पड़ा नही कि हम इसको भी राहुल बाबा से कह आतंकवादी वाला वीआईपी ट्रीट मेंट नही दिलाये तो हमारा नाम भी दवे जी नही।"



Monday, January 30, 2012

माई लार्ड, ये कालू गरीब खेतो में हगने न जाये

 इतिहास में आज तक ऐसा मुकदमा भारत में नही हुआ था। आरोप यह था कि कालू गरीब और इसके जैसे करोड़ो गरीब खुले में शौच करते है,  इस से बीमारिया फ़ैलती है, महिलाओ की इज्जत पर खतरा रहता है।  अतः यह अदालत आदेश पारित कर खेतो में हगने पर प्रतिबंध लगाया जाये और पकड़े जाने पर जुर्माने की रकम तय हो। कालू गरीब के वकील बाबा रामदेव बोले - "माई लार्ड, यह सरकार सदियो से  स्वदेशी तरीके से मल त्याग करते आदमी के मौलिक अधिकारो का हनन कर विदेशी तरीको से मल त्याग करने पर मजबूर कर रही है।यह भ्रष्ट सरकार मुफ़्त शौचालय योजना में भ्रष्टाचार कर धन कमायेगी। वही दूसरी ओर इन गरीबो पर जुर्माना लगा पैसा कमायेगी। सरकार इसके बजाये अगर देश का लूटा हुआ चार सौ लाख करोड़ रूपये वापस लाने में ध्यान दे।  फ़िर यह कालू और इसके जैसे एक सौ इक्कीस करॊड़ भारतीय मन चाहा टायलेट बनवा उसमे जाये या खेतो में जाये उनकी मर्जी।"

सरकारी वकील दवे जी याने की हम थे, हमने कहा - माई लार्ड बाबा रामदेव मूल मुद्दे को भटका कर कही और ले जा रहे है। मुख्य बात तो महिलाओ की इज्जत की है। खुले मे शौच जाना उनकी सुरक्षा के लिये ठीक नही।
बाबा रामदेव बोले - "माई लार्ड, महिलाओ पर जितने अपराध गावो में होते है। उससे कई गुना शहरो मे होते है। जबकी वहां तो लोग अपने घरो में ही मल त्याग करते हैं।"

हमने कहा- " माई लार्ड, इस बात को तो बाबा ने सफ़ाई से घुमा दिया, पर क्या वे स्वीकार नही करेंगे कि मल मूत्र से खुले स्थान पर त्याग करने से बीमारिया फ़ैलती है। बाबा रामदेव बोले -" सरकार जो शौचालय बना कर देती है। उसका सामान तो सीधे घर के बाहर की नाली मे गिरता है। क्या  मनुष्य उससे बीमार नही होगा।  माई लार्ड धरती में मलत्यागासन लगा कर त्यागने से अतड़िया पूरी तरह साफ़ हो जाती है। शौच से पहले चलने और बाद में फ़िर घर लौटते वक्त चलने से बीमारिया मनुष्य से दूर रहती है। और यह भ्रष्ट सरकार आदमी की प्राकृतिक दिनचर्या को बिगाड़ कर उसे बीमार बनाना चाहती है। ताकि विदेशी मुनाफ़ाखोर दवाई कंपनिया अपनी दवाईया बेच अरबो रूपये मुनाफ़ा कमा ले।"



हमने कहा- "माई लार्ड, बचाव के काबिल वकील इस बात को सफ़ाई से भूल गये कि खुले में शौच जाने वाला  जलाशय मे ही साफ़ सफ़ाई करता है जिससे पानी प्रदूषित होता है।  " बाबा रामदेव उठ खड़े हुये - "माई लार्ड,लगता है काबिल वकील साहब अमूल बेबी उर्फ़ राहुल बाबा की तरह कभी गांव नही गये और उन्होने डब्बा लेकर दिशा मैदान जाता हुआ आदमी नही देखा। इनकी सरकार इतनी विद्वान है कि कहती है तालाबो में पशु मत नहलाओ पानी गंदा होता है। फ़िर इनका मछली पालन अधिकारी आकर समझाता है कि प्रति एकड़ तालाब मे पशु गोबर पचास किलो मिलाओ तो मछली की पैदावार डेढ़ गुना बढ़ जाती है। याने डीजल जला ट्रक्टर में ला पशु गोबर मिलाने से मछली बढ़ेगी और पशु यदि जल में सीधा कर दे तो पानी गंदा हो जायेगा।"



फ़िर बाबा रामदेव ने विजयी मुस्कान बिखेरी और सीना चौड़ा कर बोले - "माई लार्ड ये इंसानी मल जो है वो पीला सोना है सोना। माई लार्ड ये पेड़ पौधे जो भी देते है, वो हमारा भोजन है। और हम जो भी त्यागते है वो पेड़ पौधो का भोजन है। मूत्र से उनको नाईट्रोजन मिलता है, मल तो सीधा खाद है ही। इंसान घर में मल त्यागे, फ़िर इस सरकार के आगे रसायनिक उर्वरक के लिये गिड़गिड़ाये। और विदेशी कंपनिया नेता अफ़सर ठेकेदार उसमे मुनाफ़ा कमाये। वाह रे भ्रष्ट सरकार, स्वदेशी छोड़ अपना घर बेच विदेशी माल के लिये लालायित रहती है।
जज ने जलती हुयी आखो से  घूरा कर बोले - "सरकारी वकील साहब कोर्ट का समय खराब न करें। मै केस खारिज करता हूं। बेकार की बहस की तो अदालत की अवमानना का मामला बना दूंगा।"

हमने गंभीरता से खड़े होकर कहा - " माई लार्ड आपको फ़ैसला सुनाने से पहले भारतीय संविधान की मूल भावना याने समानता का अधिकार को ध्यान में रखना होगा। माई लार्ड ये जो कालू गरीब है। यह केवल पिछड़े दलितो और आदिवासियो मुसलमानो में पाया जाता है। हम मानते है कि इंसानी मल पीला सोना है। इस पीले सोने का लाभ समाज के सभी वर्गो को बराबरी से मिलना चाहिये। इसलिये पीले सोने को डाईरेक्ट खेतो में गिराने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

होता यह है माई लार्ड कि गाव से लगे सभी खेत स्वर्णो और अगड़ी जातियो के होते है। दलितो,पिछड़ो,मुसलमानो के खेत दूर दूर स्थित हैं। और माई लार्ड गांव वाले सुबह जल्दी काम पर जाने के चक्कर मे गाव से लगे खेतो में ही निपट लेते है। इस तरह गरीब, दलित, पिछड़ो, अल्पसंख्यको को इसका लाभ नही मिल पा रहा है। इसलिये अब इस पीले सोने को गांव के एक बड़े सेप्टिक टैंक मे जमा कर। उसमे से पचास प्रतिशत आरक्षित पीला सोना गरीब दलित पिछड़ो अल्पसंख्यको के खेतो में डलवाया जायेगा। इस लिये आपसे अनुरोध है कि बाबा रामदेव की जनहित याचिका को खारिज कर कालू गरीब के खुले मे पीला सोना टपकाने पर प्रतिबंध लगा दीजिये। "

न्यायाधीश ने फ़ैसला दिया -" यह अदालत सारी दलीलो और बयानो को मद्देनजर रखते हुये इस नतीजे पर पहुंची है कि सरकार की योजना और निर्णय संविधान सम्मत है। लेकिन यह अदालत यह भी फ़ैसला सुनाती है कि कालू गरीब चूकी अब पीला सोना टपकाने के दौरान हो रहे श्रम से वंचित हो जायेगा। इसलिये वह बाबा रामदेव से इसकी भरपायी के लिये अनुलोम विलोम और कपाल भांती सीख प्रतिदिन घर पर करे। और सरकार को यह सख्त ताकीद करती है यह पीला सोना किसी भी कीमत पर देश के बाहर न भेजा जाये।"

Sunday, January 1, 2012

बाबा रामदेव को सत्ता सुंदरी का विरह वेदना पत्र

प्यारे बाबा

जब से आप रामलीला मैदान में,  मंच से कूद सलवार पहन कर जान बचा कर भागे हो। तब से आपके इंतजार में मेरी रातो की नींद खो गयी है। ये मुई मीडिया भी आपके बारे में कुछ बताती ही नही और आपको देखे बिना मुझे चैन आता नही।  आपके चेले चपाटी तो मीडिया को बिकाउ भांड और दिग्गी को डागी कह अपनी भड़ास निकाल ही लेते है। लेकिन मैं अबला,  बेबस कांग्रेस के शोषण से त्रस्त और मंत्रियो की लूट खसोट से पस्त,  कर ही क्या सकती हूं। खाली आपकी वह फ़ोटू देख मन बहला लेती हूं जिसमे आपके चरणो में पांच पांच मंत्री दंडवत लोट रहे थे


आप मेरी वेदना के बारे मे क्या जानो, कसम से कहती हूं।  नेहरू जी से लेकर अटल जी तक अनेक राजनेताओं का साथ मुझे मिला है। यहा तक की मनमोहन जैसे  विश्व बैंक के बाबू को भी प्राप्त हो चुकी हूं। पर किसी बाबा के आलिंगन मे होने का टेस्ट कैसा होगा यही सोच सोच मेरा मन और विचलित हो जाता है। सोचिये तो कैसा अद्भुत दृष्य होगा,  कैबिनेट  की बैठक  अनुलोम विलोम से शुरू होगी।  कपालभांति कर,  कपाल से सारी बेईमानी को दूर कर चुके अफ़सर तन, मन और विदेशो से लौटे कालेधन के साथ देश की सेवा में लगे होंगे। आपके ट्रेनिंग कैंप से शस्त्र संचालन सीख चुकी और चरित्र निर्माण कर चुकी सेना सीमाओ में  देश के दुश्मनो को शीर्षासन करवा रही होगी।  गृह मंत्री स्वामी चिमटानंद होंगे जिनके मंत्रो और चिमटो के प्रहार से माओवादी से लेकर आतंकवादी तक त्राही त्राही कर उठेंगे। गह राज्यमंत्री असीमानंद तो आतंकवादियो के बिलो मे बम धमाका करवा के उनको खत्म कर ही देंगे।

वित्त मंत्री तो खैर आप ही होंगे,  सारे टैक्स हटाकर केवल दो % बाबा रामू ट्रांसैक्शन टैक्स लगेगा।  प्रमाणिकता के साथ देश मे महंगाई को दूर भगा राम राज्य की स्थापना होगी।  स्वास्थ मंत्री बाबा बालकॄष्ण,  अपनी आयुर्वेदिक पुड़िया और गोलियों की बदौलत,  देश से बिमारियां और लुटेरी विदेशी दवाई कंपनियो को  देश से दूर भगा रहे होंगे और सारे एलोपेथिक डाक्टर कंपाउंडरी कर घर चला रहे होंगे। महिला विकास मंत्री बाबा की प्यारी बहन,  साध्वी रितंभरा अपने ओजस्वी भाषणो से महिलाओ में जोश भर कर उन्हे रानी लक्ष्मी बाई बना रही होगी और बेचारे  भयभीत पतियो को बीते दिनो की याद आ रही होगी। विदेश मंत्रालय तो खैर इस्कान वाले संभाल ही लेंगे और दुखियारो का दर्द सामाजिक कल्याण मंत्री निर्मल बाबा हर लेंगे।  उनकी किरपा चहुं ओर फ़ैलेगी और उनका समागम अटेंड करने वाले या अपनी आय का दसवा हिस्सा उनको दसवंद के रूप में भेजने वालो की महिमा,  रतन टाटा और मुकेश अंबानी की कीर्ती हर लेगी।

प्यारे बाबा और क्या कहूं,  मेरी मां  भारती का फ़ोटू और देश भक्ति के नारे आप ले ही चुके हो। लेकिन फ़िर भी कुछ राय दे देती हूं,  कि मुझ तक पहुंचने की आपकी राह आसान हो जाये। फ़िल्हाल मैने आपको यह बताने के लिये पत्र लिखा है कि कांग्रेस की राहुल गांधी लोकपाल बिल गारंटी योजना ध्वस्त हो गई है और जनता नेताओ से त्रस्त हो चुकी है। प्यारे बाबा,  मैं सच कहती हूं कि अब अनशनियाने का स्वर्णिम मौका है। अन्ना भी लोकपाल छोड़,  परलोकपाल लाने में व्यस्त हो चुका है। और उनके मुंशी मैनेजरो का समूह फ़िल्हाल प्रमाणिकता खो चुका है।

आपके मैदान में आते ही, सारे देश की जनता आपके साथ हो लेगी। पर प्यारे बाबा मेरा दिल भी घबराता है कि आप पिछली गलतियां न दोहरा दें। सलवार आपको मैने अपनी निशानी के रूप मे दी थी और आप उसे पहन के भाग लिये। प्यारे बाबा, राजनैतिक अनशन में पुलिस आये तो गिरफ़्तारी देनी पड़ती है। सुप्रीम कोर्ट का कोई वकील साथ रख लेना कि पुलिस बिना वारंट के गिरफ़्तार न कर सके और करने के बाद दिल्ली से बाहर न भेज सके। और आपको क्या कहूं खाली बूढ़े,  महिलाओ और बच्चो को अनशन मे मत बुलाना। न ही पूरे मोहल्ले को ले अनशनियाना और हां अन्ना से लंबे अनशन का फ़ार्मूला जरूर सीख आना। पिछली बार आप शहद लिंबू चाट कर भी पांच दिन भी नही टिक पाये थे। असली राज यह था कि आप तनाव में थे और सारा कार्यभार खुद संभाल रहे थे ऐसे शरीर की उर्जा जल्दी खत्म हो जाती है। वैसे भी भाजपा शासित राज्यो मे अनशन करने से कांग्रेस को फ़र्क नही पड़ता था। सो इस बार शांती से अनशन करना,  व्यव्स्था दूसरो को देखने देना और कम से कम बात करना ताकि अनशन लंबा खिंच सके।


प्यारे बाबा,  इन मीडिया वालो को कोसने भर से काम नही चलेगा।  कुछ सेटिंग गोटी भी फ़िट करनी होगी नही तो आप देख ही रहे हो चौसठ साल से संघ मीडिया हाय हाय कर रहा है, पर नतीजा ढाक के तीन पात ही है।  मै सच कहती हूं बाबा, कि आपकी फ़ौज के सेनापति आपको मुझ तक पहुंचाने से ज्यादा आपको और आपके समर्थको को पिटवाने में  आतुर है। ताकि देश में जनाक्रोश की लहर उठा खुद सत्ता पर सवार हो जाये। इसलिये प्यारे बाबा सेनापतियो का छटनी करके, अच्छे सलाहकार भर्ती कीजिये।  सीबीआई और बाकी जांच एजेंसियो से डरने की जरूरत नही है।  मेरे आगोश मे समाते ही आप आरोप प्रूफ़ हो जायेंगे और आपके दुश्मन तिहाड़ की हवा खायेंगे।


आपकी विरह वेदना मे व्याकुल

आपकी अपनी सत्ता सुंदरी

पुनःश्च-  प्यारे बाबा, जरा बयानबाजी से बचना हाल ही मे मैने एक सीरियल देखा था "तोल मोल के बोल" आप भी देखियेगा और बयानो के लिये आठ दस प्रवक्ता रख लीजियेगा।

Tuesday, December 20, 2011

अरे अन्ना, बेचारे संघ का समर्थन ले लो भाई



नुक्कड़ पर दीपक भाजपाई  उर्फ़ संघ वादी खड़े हो कर चिल्ला रहे थे - " ऐ भाई संघ का समर्थन ले लो भाई ।" हमने पूछ लिया - "" जिसको समर्थन देना है, उसी से डाइरेक्ट जाकर क्यों नही कहते।" दीपक बाबू फ़ट पड़े - "वो ले ही नही रहा,  लेता तो क्या बात थी।"  हम अचरज में पड़ गये,  यहा तो सारे समर्थन के लिये मरे जाते है और जब ये मुफ़्त में देना चाह रहे हैं तो किसी को क्या दिक्कत। हमने कहा- "भाई जरा साफ़ साफ़ कहो, किसको समर्थन देना चाह रहे हो।" दीपक जी बोले - "समर्थन हम अन्ना हजारे को देना चाह रहे हैं, और वो ले क्यों नही रहा। "  हमने कहा- "मान लो ले नही रहा तो आप क्यों मरे जा रहे हो देने को।" दीपक जी बोले "संघ हमेशा देश हित के सारे आंदोलनो को अपना समर्थन देता है चाहे कोई मांगे या न मांगे।"


हमने कहा- "भाई यह कैसा समर्थन दे रहे हो,  दिग्विजय सिंग के साथ टाईमिंग मिला के बयान बाजी करते हो। आप कहते हो हम अन्ना के साथ है उधर से दिग्विजय कहता है संघ अन्ना के पीछे है। मुझे तो लगता है कि आप दोनो सेटिंग कर के मुसलमानो को अन्ना के आंदोलन से दूर करना चाहते हो।" दीपक बाबू ने सिर झटकाया - " हम मुसलमानो का नही जानते, पर अन्ना के बिना मांगे भी हम जबरदस्ती समर्थन दे कर रहेंगे।" हमने कहा - "ये कैसा समर्थन है दीपक बाबू, मुंह में राम बगल में छुरी, एक तरफ़ गले पड़ाउ समर्थन देने की बात करते हो। दूसरी ओर सायबर ब्रिगेड को लगा रखा है कि सुबह शाम अन्ना हजारे और उसकी टीम को कोसो, क्या चक्कर है रे भाई।"

दीपक संघी तुरंत नट गये - "कोसने वाले हमारे आदमी नही हैं।" हमने कहा- "पाकिस्तान भी कहता है कि आतंकवादी हमारे नही है। दरअसल बात यह है कि  बाबा रामू से भी आपका काम न हुआ तो आप अन्ना के आंदोलन के कंधे से भी फ़ायरिंग का जुगाड़ बैठा रहे थे। अन्ना से किनारे लगा दिया तो मुसलमानो को उनसे दूर करने के लिये समर्थन वाली बयान बाजी कर रहे हो और हिंदुओ को दूर करने के लिये नेट मे साईबर ब्रिगेड लगा दिये हो। आपका मतलब साफ़ है हम भी खेलेंगे नही तो खेल खराब करेंगे।"


दीपक संघी भड़क गये - "संघ का समर्थन नही चाहिये हम अछूत हैं।" हमने कहा - " प्रियंका गांधी ने हमे छोड़ राबर्ट वढेरा से शादी कर ली, मै अछूत हूं क्या। अरे भाई जिसे जो पसंद आये उसका साथ ले या ब्याह करे क्या जबरदस्ती किसी के गले पड़ जाओगे।" दीपक जी बोले - " मेहनत करी श्रद्धेय बाबा रामदेव ने देश को जगाया उन्होने और क्रेडिट ले जाये अन्ना। उसके बाद तुर्रा ये की अब साथ नही चाहिये।" हमने कहा - "मेहनत की बाबा रामदेव ने और पिटवा दिया आपने। आपको तो जनाक्रोश चाहिये था न।" दीपक संघी और भड़क गये - "पीटा कांग्रेस ने और दोष हम पर लगाते हो।" हमने कहा - "पीटा तो कांग्रेस ने ही लेकिन साध्वी को तो आपने भेजा था कि नही।" दीपक संघी संभल कर बोले - " आदरणीय बहन श्रद्धेय साध्वी और बाबा रामदेव से हमारा कोई नाता नही है संबंध केवल उतना है जितना अन्ना हजारे से है हम समर्थन करते है बस।"



हमने कहा - "भाई तुम लोग गांधी का स्वदेशी चुरा लिये, खादी चुरा लिये, हे राम तक चुरा लिये, चश्मा क्यों नही चुराये। चश्मा चुरा लेते तो साफ़ साफ़ नजर आता कि हिंदुओ का हित किसमे है। क्यों विरोधाभासी विचारधारा अपनाते हो। अन्ना हजारे को हिटलर कहते समय यह क्यों नही सोचते कि हिंदुस्तान के हिंदू आपको इज्जत से देखते हैं।  हिंदू हित का बना संगंठन है उसको क्यो दाये बाये ले जाते हो। वनवासी कल्याण, सरस्वती शिशु मंदिर से लेकर कितने अच्छे काम करते हो, फ़िर क्यों ऐसी चीजो मे शामिल होना कि मुंह चुराना पड़े। 


दीपक भाजपाई कम संघी भड़क उठे - " जब गधे के कानो में हवा भर जाती है तो वो इधर से उधर दौड़ने लगता है ....यही हाल भारत की मूर्ख जनता का हो चला है ..... इन निष्कृष्टों को हमेशा कुछ ऐसा चाहिए जिसमे कुछ करना न पड़े और इनकी देशभक्ति के ढोंग को दिखाने के लिए आयाम मिल जाये। गांधी ने भी यही सोचकर चरखा घुमाते हुये ,बकरी का दूध पीते हुये,विनम्रता के चार बोल सुना दिये थे ....... फिर वही मूर्ख अंधी, हिन्दू जनता चल पड़ी है मोमबत्ती लेकर क्रांतिकारी बनने ।  हिन्दुओ और हिन्दुत्व का सत्यानाश हो रहा है दिन ब दिन तब तुम क्यो नहीं निकलते ? फिर वही क्यो निकलोगे गांधी और अन्ना है न फिर से तैयार हो जाओ एक नए छोटे गांधी कि विचार धारा को अगले बीस से पच्चीस साल तक झेलने के लिए ..... बस देखना ये है ये लेटैस्ट गांधी , कितनी हानि कर के मरेगा ?"



हमने कहा- "रे भाई हिंदूओ के स्वयंभू ठेकेदार हम बता रहे कि आपको तकलीफ़ क्या है। आपकी शाखाओं मे कौंवे बोल रहे हैं। आपके बुलाये लोग एकत्रित नही हो रहे तो दूसरो के सर पर सवार होकर आपको अपना एजेंडा पूरा करना है। क्या मांग रहे है अन्ना हजारे देश हित के लिये कड़े कानून। क्या अहित हो जायेगा रे भाई इस कानून से हिंदूओ का। औरहिंदुओ का हित तो हिंदुस्तान की तरक्की में है की नही। यहां दूसरे धर्मो के लोग सुख शांती से रहे यही तो हमारा गौरव है सहिष्णुता ही हमारा तिलक है। और जो देश द्रोह का काम करे उसके लिये कानून है संविधान है। रिपोर्ट लिखाओ , पकड़ो कानून के हवाले करो।  हिंदूत्व का आंदोलन करना है, क्रांतीकारी बनना है तो बनो रे भाई कौन तुम्हारा खाकी चड्डा पकड़ के रोक रहा है। खड़ा करो अपना आंदोलन लोगो के सामने बात रखो उनको समझ मे आयेगा तो आपका समर्थन करेंगे। दूसरो के आंदोलन को खराब करने से कौन से शिवाजी बन जाओगे।"

दीपक संघी बोले -"हमे आप के जैसे क्षद्मनिरपेक्ष सिकुलर बिकाउ मिडिया के भांड, देश द्रोही लोगो की नसीहत नही चाहिये। हम अब इस देश में हिंदुत्व की लहर उठा कर रहेंगे और इस देश से आप जैसे लोगो को भगा कर रहेंगे।"
इतना कह दीपक बाबू पैर पटकते चल दिये और हम सिर खुजाते खड़े रह गये कि ये भाई लोग क्षद्म हिंदुत्व से ग्रसित हैं कि हमारे जैसे लोग हिंदूत्व की गलत व्याख्या कर रहे हैं। अब ये लोग गीता, वेद, शास्त्रो की व्याख्या पर बात करते ही नही करते। इनके मुद्दे  बटवारे के समय के हिंदुस्तान,  पाकिस्तान पर अटके हैं। गांधी मर गये, गोड़से मर गये। लेकिन ये भाई लोग है कि उस समय की सोच पर ही अटके है।

Sunday, November 13, 2011

बाबा रामू का प्रवचन

एक दिन सुबह सुबह श्रीमती ने फ़रमाईश रख दी- " बाबा रामू आये हुये हैं,  आपको हमें प्रवचन में ले चलना होगा।  हमने कहा भी कि भाई आज कल बाबा रामू में पहले जैसे योग नही सिखाते है फ़ोकट राजनैतिक प्रवचन झेलना होगा" श्रीमति कहां मानती हमे ले जाकर ही दम लिया।

खैर बाबा का प्रवचन शुरू हुआ, बोले - "हम प्रमाणिकता के साथ आपकी बीमारियों को दूर भगा देंगे और विदेशों से कालाधन वापस ले आयेंगे।"  उसके बाद बाबा ने कपाल भाती सिखाना शुरू किया, बोले- " जोर से सांस खींचो।"  हमने सांस अंदर ली,  फ़िर बाबा बोल उठे- "कालाधन छोड़ो।" हमने कहा- " बाबा हम तो आपके कहे में केवल सांस अंदर किये हैं, अब कालाधन कैसे छोड़ें।"  बाबा बोले - " बेटा आप को सांस ही छोड़ना है कालाधन वाला बात तो हम कांग्रेसियों के लिये कह रहे थे।"

बाबा फ़िर शुरू हुये - " देश का तीन सौ तीस लाख करोड़ कालाधन विदेशो में जमा है। हम कानून बनवा कर इसे राष्ट्रीय संपंत्ती घोषित कर देश में वापस लायेंगे।   इस पैसे को हम बैंक में जमा करवा देंगे,  इससे हर साल तैतीस लाख करोड़ की आमदनी होगी।  इससे हम गांव गांव को स्वर्ग बना देंगे,  इस पैसे से हिंदुस्तान की हर सड़क पर दस मिमी मोटी सोने की परत चढ़ाई जा सकती है। गांव गांव में खादी बुनी जायेगी,  पंदरह करोड़ लोगो को इससे रोजगार मिलेगा।  पूरा विश्व भारत का बनाया कपड़ा ही पहनेगा।  गाय के गोबर से हम मीथेन गैस बनाकर इससे बिजली बनायेंगे फ़िर भारत को तेल आयात करने की जरूरत नही होगी।"

इतना सुनते सुनते हम सपनो में खो गये। बाबा देश के राष्ट्रपति और हम उनके प्रमुख सचिव बन गये। हमसे मिलने के लिये लोगो का ताता लग गया।  हर कोई शिकायत बताने और मांगे लेकर हमारे पास आ रहा था। एक प्रतिनिधी मंडल आया,  बोला - " साहब हमारे दलित गांव का गोबर,  पड़ोस के गांव के दबंग छीन कर सोसाईटी में बेच देते हैं।" हमने तुरंत आदेश जारी किया- "गायो के मालिको का हिसाब रखा जाये और नाथूराम गोड़से गोबर खरीद गारंटी मिशन के अंतर्गत चेक से सीधे मालिक के खाते में भुगतान हो।"


तभी विभिन्न देशों का के राजदूत मिलने आये, पाकिस्तान वाला बोला- "सर आपने हमसे कपास खरीदना क्यों बंद कर दिया है।" हमने कहा-  " पहले आतंकवाद बिल्कुल बंद होना चाहिये,  दाउद के जैसे तमाम आरोपी भारत को सौंपिये, उसके बाद आपसे कपास खरीदा जायेगा।" अगला दल यूरोप का था, आते ही गिड़गिड़ाने लगे- "माई माप,  सारे यूरोप का पैसा तो आप वापस ले गये हो।  हमारे यहां हाहाकार मचा हुआ है,  हमें कर्ज दीजिये वरना हम तबाह हो जायेंगे।"  हमने कहा- "अपना सोना गिरवी रखना होगा,  उसके अलावा ब्रिटेन के म्यूजियम में भारत  की जितनी ऐतिहासिक वस्तुयें हो, वो सब लौटानी होगी।  आखिरी शर्त लंदन के मुख्य मार्केट की सड़क हमारी होगी। उसमें बोर्ड लगा होगा- " ब्रिटिश एन्ड डाग्स नाट अलाउड।"

 इसके बाद अमेरिका के वैज्ञानिकों का दल था,  वे आते ही चढ़ बैठे-  "आप विश्व हित की टेक्नोलाजी को  छुपा  रहे हो।  आप वसुदैव कुटूंबकम की हिंदू संस्कृती भूल गये हो।"  हमने  पूछा- " भाई मामला क्या है।"  वे और भड़क गये- " आपके यहां गायें खुल्ला घूमती है,  उनके पीछे गोबर इकठ्ठा करने के लिये भागना पड़ता है। फ़िर भी आप उस गोबर से मीथेन गैस बना,  इंधन के मामले में आत्म निर्भर हो गये। और हम है कि दस हजार गायें एक एक फ़ार्म में पालते है,  सबका गोबर आटॊमेटिक एकत्र हो जाता है। फ़िर भी हम उसका उपयोग करने में असमर्थ हैं।" हमने कहा- " हम आपको गोबर की तकनीक विशेष शर्तो पर उपलब्ध करा सकते हैं।  इस तकनीक में काम आने वाला गौ मूत्र,  शुद्ध भारतीय होगा।  यह गोमूत्र आपको सौ रूपये प्रति लीटर पर खरीदना होगा।"  शर्ते सुन कर अमेरिकी जमीन में लोट गये बोले -" माई बाप पहले एक रूपये की कीमत पचास डालर हो गयी है,  हम ये बोझ और न सह पायेंगे।"  हमने इंकार में सर हिला दिया

अमरीकन बोले- " हम बाबा रामू से सीधे बात करेंगे।"  हमने कहा -" सौ देशो की खुफ़िया पुलिस बाबा रामू को खोज रही है कि उनके हाथ लग जायें तो उनके देश का भला हो जाये। इसलिये वे गुप्त स्थान पर रहते हैं,  आप नही मिल सकते।"  जाते जाते अमेरिकन भुनभुना रहे थे -" जितने आलतू फ़ालतू बाबा थे,  उनको हरे रामा हरे कृष्णा करने अमेरिका भेजते रहे और महान  बाबा रामू से मिलने तक नही देते हैं।"


तभी  भाजपा के गुड़गुड़ी साहब आ गये, बोले, "दवे जी चुनाव सर पर आ गया है,  देश में कोई समस्या ही नहीं बची है, जनता से कहें क्या?" हमने कहा - "कल ही वित्त मंत्री  कह रहे थे कि सारे विकास कार्य हो चुके हैं। जो बचे हैं, उनके लिये पैसा आबंटित हो चुका है। अब हर साल ब्याज के तैंतीस लाख करोड़ खर्च कहां करें? आप विश्व के सत्तर गरीब देशों की इस पैसे से मदद कीजिये।  फिर यूएन में उनकी सहायता से प्रस्ताव पारित करा लिया जायेगा कि चीन और पाकिस्तान भारत को जमीन वापस करें।  बिना लड़े जमीन वापस आ गई तो समझिये अगला चुनाव जीतना तय है।"  ।"  

प्रसन्न होकर गड़करी साहब निकले ही थे कि तभी तेल उत्पादक देशों (ओपेक) का दल आया। आते ही गिड़गिड़ाने लगे -" साहब कोई ऐसे आर्डर कैंसल करता है क्या भला।  आपने तो हमे कहीं का नही छोड़ा। " हमने कहा- भाई करे क्या अब कुछ काम ही नही रहा तेल का,  अब तो खाली परंपरा निभाने के लिये राष्ट्रपति पंदरह अगस्त को पेट्रोल  कार में बैठ कर समारोह में जाते हैं।"  बाकी देशों ने तो मन मसोस लिया, लेकिन अरब वाले पैरों में गिर गये- "माई बाप हमारे छोटे छोटे बच्चों पर तरस खाओ, साल मे कम से कम पांच टैंकर ले लो।" हमे याद आया, जब तेल बिकता था तो कैसे अकड़ते थे साले, हमने तुरंत लात जड़ी - "चलो भागो यहां से।"

तभी हमारा स्वप्न भंग हो गया।  देखा तो हमारे सामने बैठा श्रद्धालू मुंह के बल जमीन पर पड़ा था।  हमारी लात अरब राजदूत को नही,  उसे पड़ी थी। लोग भड़क गये,  हमें घेर लिया। तभी बाबा रामू ने बीच बचाव करते हुये पूछा- " क्या बेटा लात क्यों मारी।"  हमने  सफ़ाई दी- " बाबा आपकी बाते सुनकर हमे कांग्रेस पर इतना गुस्सा आया कि हम क्रोध में होश खो बैठे और गलती से लात चल गयी।"

 माफ़ी मांग हम प्रवचन से उठ तो आये। लेकिन कहे क्या,  आज तक मन कालेधन की वापसी की राह देख रहा है।  रोज भगवान से दुआ करते हैं कि बाबा को इतनी शक्ती दे कि बाबा कालाधन वापस ले आयें। गोबर से मीथेन गैस बना परमाणू संयंत्रो से, कोयल की राख से मुक्ती दिलवाये।  पूरा विश्व भारत का माल खरीदे पर भारत किसी देश का माल न ले।

Friday, September 9, 2011

बाबा रामदेव की ट्रेनिंग

 नुक्कड़ में एक सज्जन पता पूछते पहुंचे, पूछा - "भाई वो मुफ़्त में सलाह देने वाले फ़ोकटचंद लेखक दवे जी कहां मिलेंगे"। हम तक वे पहुंचे तो मालूम पड़ा कि बाबा रामदेव नें हमें बुलाया है,  सो हम पहुंचे उनके पास आशीर्वाद देने के बाद बाबा ने अपनी व्यथा बताई-  "सरकार पत्रकारों के माध्यम से उटपटांग आरोप लगवा कर  छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रही है"। हमने कहा- "बाबा जी मान लो आप नही दवे जी पतंजली के कर्ता धर्ता हैं, दीपक  चौरसिया जी हम पर आरोप लगाते जायें और हम जवाब देते जायेंगे,  आप उन जवाबो का रिहर्सल कर लेना और फ़िर आप की छवि सरकार नही बिगाड़ पायेगी।

बस क्या था  दीपक चौरसिया के हमसे  सवाल जवाब शुरू हुये।


दीपक चौरसिया - " दवेजी आप पर आरोप है कि आप ट्रस्ट और कंपनियों के माध्यम से जनता के धन का दुरूपयोग कर रहे हैं"।

 दवेजी - "भाई हमको जनता ने बिना किसी शर्त के दान दिया,  कि आप जो मर्जी चाहें,  इस धन का उपयोग करें और  हम योग के माध्यम से, दवाईयों के माध्यम से जन सेवा कर रहे हैं। अब यदि सरकार को लगता है कि दुरूपयोग हो रहा है, नियमो का उल्लंघन हो रहा है। तो जांच कराये हमको जेल भेज दे। हम इस सरकार के खिलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं।  नयी सरकार आयेगी, फ़िर इनकी जांच होगी।  बोलते हैं कि हमने एक करोड़ का घपला किया है तो दस साल की जेल दवे जी  को दे दो और इन लोगो ने सौ लाख करोड़ के घपले कियें है तो इनकी सजा कितनी होगी यह जनता तय करेगी"।


दीपक चौरसिया -  "दवेजी शीशे के घरों मे रहने वाले दूसरों पर पत्थर नही फ़ेकते, यह आप क्यों भूल गये थे"।


 दवेजी - "हां भाई रहते हैं जीवन सार्वजनिक है, लोगों से रोज मिलते हैं।  ये कांग्रेसी तो लोहे के घरो मे रहते हैं क्या करते हैं, जनता को मालूम ही नही पड़ता।  इनकी अध्यक्षा बीमार हुयीं कब गयी, कब आयीं क्या बीमारी हुयी थी किसको पता चला।  रटा रटाया बयान जारी कर दिया,  आम आदमी मिलना तो छोड़ पास भी नही जा सकता"।

दीपक चौरसिया - " दवेजी आप पर आरोप है कि आप विदेशों मे द्वीप खरीद रहे हैं"।

 दवेजी -" हां तो क्या गलत कर रहे हैं है इस देश मे और जमीन जोड़ रहे हैं।  और ये कांग्रेस पार्टी तो शुरू से आज तक देश की जमीन लुटाते आयी है कभी पाकिस्तान को दे दिया,  कभी चीन से हार गये और अब बंग्लादेश को दे रहे हैं, इनकी हिम्मत कैसे होती है दूसरों पर आरोप लगाने की"।

दीपक चौरसिया -" आप पर आरोप है कि आप अपने संबंधियों को ट्रस्ट और कंपनियों की जिम्मेदारी सौप रहे हो"।
 दवेजी - "अरे भाई जनता ने इतने प्रेम और आदर के साथ हमे देश सेवा के लिये दान दिया है,  तो किसी को तो काम मे लगाना होगा,  ऐसे आदमी को जिस पर हमारा विश्वास हो। क्या इन कांग्रेसियों को काम पर लगाउं जो देश को लूट लूट कर खा रहे हैं। इन जैसे लोगो को लगा दूंगा तो  ये ट्रस्ट दो साल में डूब जायेगा"।

दीपक चौरसिया - "पर आपके संबंधी इसमे घपले कर रहे हैं ऐसा आरोप है"।

 दवेजी - "अरे भाई घपले कर रहे हैं, तो हर ब्रांच में मैं सीबीआई को बैठने का कमरा दे देता हूं। जनता के धन की सुरक्षा मे मन हरदम चिंतित रहता है।  दीपक बाबू जनता देखती है कि आदमी कैसा है, तब दान देती है।  इन कांग्रेसियों से पूछो,  बाबा को इतने साल में बारह सौ करोड़ दान मे मिला,  बाबा ने ट्रस्ट  खड़ा कर दिया कांग्रेस के पास कितना पैसा आम आदमी से दान मे मिला हुआ है। व्यापारी और दलालों का चंदा हटा दो तो कांग्रेस कटोरा लेकर खड़ी हो जायेगी"।

दीपक चौरसिया -  "दवेजी आप कहते हो कि आप साधु हो,  आपके पास संपत्ती नही फ़िर आपने ट्रस्ट क्यों बनाये, कंपनिया क्यों बनाई ,आपके खर्चे तो इसी से पूरे होते हैं, आप जहां चाहे उपयोग कर सकते हो"

दवेजी - "अरे भाई जनता ने धन क्या जमीन मे गाड़ कर रखने को दिया है। उपयोग तो करना ही है, सवाल यह है कि सदुपयोग हो रहा है कि दुरूपयोग, यह जनता देख रही है।  इस सरकार की तरह नही कि इंडियन एयरलाईन मिली और उसे पांच साल बाद भिखारी बना कर छोड़ दिया ।

दीपक चौरसिया -  "आपके उपर आरोप है कि आप दवायें बेचते हो, मुनाफ़ा कमाते हो"।

 दवे जी  - "तो यह कांग्रेस बेच ले,  मुनाफ़ा कमा ले किसी ने रोका है क्या,  पर इनको तो घोटाला करके कमाना है,  पसीना बहा कर नही.  अरे भाई जनता की सेवा करना  आसान है क्या।  दीपक भाई सेवा पथ कठिन है,  त्याग मांगता है, बदनामी भी होती है।  डाबर कंपनी के मालिक से कोई नही पूछेगा कि पांच सौ प्रतिशत मुनाफ़ा क्यों कमा रहा है। क्यों क्योंकि वह मुनाफ़ा कमा कर घर ले जा कर आराम से जी रहा है। दवे जी  गरीबों की,  दलितों की पीड़ा देख कालाधन वापसी के संग्राम कर रहे हैं तो सबकी नींद हराम हो रही है"।


इंटरव्यू खत्म होते ही बाबा रामदेव ने हमको गले लगा लिया,  वाह दवे जी मान गये आपको।  हमने कहा- "बाबा जी एक आखिरी बात गांठ बांध लो, जो आप आर्थिक मामलों मे बयान देते हैं,  कि दो % ट्राजैंक्शन टैक्स लगाओ बाकी टैक्स बंद करो आदि, अब आगे से न करना, आप साधू हो अर्थशास्त्री थोड़े ही हो,  कोई भी लपेटे में लेगा तो आपसे जवाब देते नहीं बनेगा।

वैसे भी अर्थ शास्त्रियों का समय खराब चल रहा है देखते नही मनमोहन जी के मुंह से बोल नही फ़ूट रहा,  मंहंगाई सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है। इसलिये बाबा आप केवल कालेधन और भ्रष्टाचार की बात करो न कोई पत्रकार,  न सरकार आपके इस दावे को झुठला पायेगी, देश देख रहा कि कितनी बेईमानी हो रही है।

इतना सुन प्रसन्न बाबा ने हमसे कहा- "दवे जी आप जो चाहो मांग लो, हमने हाथ जोड़े बाबा आप ऐसी आयुर्वेदिक व्हिस्की तैयार करें कि  हर पत्नी सोने से पहले पति से पूछे, क्यों जी तीन पैग पिये की नही और उस व्हिस्की  के सौ लाभ गिनाये, न पीने पर होने वाली हजार हानियां गिना दे। बाबा ने हमें पक्का वचन दिया है देखना अब यह है कि बाबा अपनी ट्रेनिंग और वायदे पर खरे उतरते हैं कि नही। 

Sunday, August 21, 2011

अन्ना के आंदोलन पर नुक्कड़ बहस

सुबह सुबह नुक्कड़ पर यूरिया वाली चाय पीते समय हमनें कहा - "भाईयों कल धोनी का फ़ोन आया था,  कह रहा था, हम तो पिट रहें हैं, लेकिन अन्ना को बाबा टाईप पिटने न देना"। भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी हंसने लगे, बोले -"क्या फ़ेंकते हो यार दवे जी"।  हमने कहा-"क्यों फ़ेकने का ठेका सिर्फ़ कांग्रेसियों को मिला हुआ है,  दूसरे नहीं फ़ेंक सकते"। "कभी बोलते हो बाबूराव हजारे उर्फ़ अन्ना सर से पांव तक भ्रष्टाचार मे लिप्त है, कभी  कहते हो सेना छॊड़ भाग गये थे"। बिल बनाने की इच्छा नही और दायें बायें की हांकते हो"।

तभी एक बाबा वादी ने दखल दिया कहने लगे - "दवे जी ये कांग्रेसी निपट बदमाश हैं,  अन्ना हजारे इनका एजेंट है"। हम जरा झटके मे आ गये यह दिव्य विचार एक दम नया था।  हमने पूछा- "बड़े भाई जरा कुछ विस्तार से समझाओ"। जवाब मिला - "इस बार अन्ना जी के मंच पर  गाँधी आ गए हैं, भारत माता का चित्र आउट हो गया है"। " अग्निवेश, मल्लिका साराभाई जैसे कांग्रेसी एजेंट अन्ना के साथ जुड़े, जिन्होंने रामदेव जी द्वारा पकी-पकाई खिचडी में गांधीवादी-सेकुलर ( कोंग्रेसी) मुलम्मा चढ़ा दिया"।  इसमे सेकुलर मीडिया नें भी बहुत महती भूमिका निभाई।

हमने पूछा - "क्यों भाई,  कहीं ये दर्द इसलिये तो नही कि आपकी पूज्यनीय साध्वी को मंच पर बुला भाजपायी साबित होने के बाद पिटे बाबा का जनसमर्थन नही मिला, और अन्ना को अपार समर्थन मिल रहा है"।" उस पर आपके भाजपायी बाबा को राजनीतिक होने के कारण मंच से दूर कर दिया गया है"। "अन्ना की वंदे मातरम की ललकार को आपको  सुनाई नही पड़ रही"। " दिक्कत आप को अन्ना से है,  या गांधी के फ़ोटो से "।

 "हमने कहा गांधी जी की फ़ोटॊ से दिक्कत है फ़िर क्यों नहीं आपके बाबा और भाजपा गोड़से की फ़ोटॊ लगाते क्यों राजघाट जाते हैं धरना देने, श्रद्धांजली देने"।  " क्यों हर आंदोलन मे कट्टर हिंदुत्व घुसाना चाहते हो। हमको नही है स्वीकार कट्टर हिंदुत्व की अवधारणा हम हिंदू मुस्लिम एकता के पक्षधर हैं "। " आप की विचारधारा हमसे अलग है, तो आप कट्टर हिंदुत्व का अलग आंदोलन शुरू करो जनता को साथ देना होगा तो देगी"। "ये क्या कि भ्रष्टाचार के विरोध के गुड़ मे लपेट कट्टर हिंदुत्व की मक्खी हमारे गले में उतारना चाहते हो" ।

बाबा वादी ने मुंह बिचकाया बोले -"दवे जी आप कांग्रेसी हो"। हमने तुरंत आस्तीन चढ़ाई, कहा एक बार कांग्रेसी कह दिया,  अगली बार यह गाली दी तो आप का मुंह तोड़ देंगे। तभी एक स्वयंभू दलित नेता ने दखल दिया, बोले - " दवे जी,  ये स्वर्ण समाज का आंदोलन है,  हमारा नहीं"। हमने कहा- " भाई भ्रष्टाचार से सबसे अधिक तकलीफ़ किसको है, अगड़ों को कि पिछड़ों को"। " किसी मध्यम वर्गीय आदमी को पाला ही कितना पड़ता है सरकार से साल मे एक दो बार लाईसेंस पासपोर्ट के लिये ज्यादा हुआ तो नगर निगम का टैक्स पटाने के लिये"। "वो पैसा देगा तो या समय बचाने के लिये या पैसा बचाने के लिये"। " पिछड़ा वर्ग उसे तो हर महिने का राशन, खाद, रोजगार गारंटी ,बच्चों के लिये कापी किताब चाहिये"। "अमीर के पास पुलिस से काम पड़ेगा तो एक फ़ोन लगायेगा काम हो जायेगा ठोला भी इज्जत से बात करेगा,  गरीब उसे तो डंडा पहले पड़ेगा बात बाद मे होगी" । "अमीर बीमार होगा तो निजी हस्पताल जायेगा और गरीब सरकारी हस्पताल जायेगा फ़िर इलाज के लिये दवाईयों के लिये रिश्वत" ।  "तुम लोग ठेकेदार बनते हो दलित वर्ग के,  उनके भले के लिये आंदोलन चल रहा है तो होशियारी दिखा रहे हो"।

एक विरोधीलाल जो आदतन जमाने के विरोध मे रहते हैं बोले, "पर ये अरविंद केजरीवाल का बिल ही क्यों, हमारी अपनी सोच है हमने अपना बिल बना रहे हैं"। हमने कहा तो अब तक सो रहे थे विरोधीलाल जी,  ये लोग जनता से दो साल तक सुझाव मांगते रहे क्यों नही गये"।" इनको छोड़ो चौसठ साल हो गये बिल नही बना तब आप लोग क्या कर रहे थे"। और कमी नजर आ रही है तो  प्रावधान दर प्रावधान चर्चा क्यों नही करते,  कि इस प्रावधान मे ये कमी है या ये दिक्कत है" । असली बात यह है कि  जिनका पेट दुख रहा है अन्ना की सफ़लता से बाबा को साथ न लेने से कांग्रेस की फ़जीहत से उनको करोड़ों कमिया नजर आ रही हैं।

सभी लोगो मंत्रणा की कि दवे जी के आगे बीन बजाना बेकार है, क्यों न चल कर किसी दूसरे को भड़काया जाये। तो साहब वे सब तो मुझे छॊड़ चले गये और मै सर खुजाता रह गया कि हे भगवान किस देश मे पैदा कर दिया मुझे। जहां के लोग देशहित की बातों में भी अपना अपना स्वार्थ खोजते हैं। कोई दलित बन सोचता है,  कोई कट्टर मुसलमान बन, कोई कट्टर हिंदू बन दिमाग लगाता है,  कोई पार्टीवादी बन।  भारतीय बनकर क्यों कॊई नही सोचता। खैर यह सोचते सोचते मैं सोच ही रहा हूं, आप भी सोचिये बात है ही सोचने वाली।

Tuesday, June 28, 2011

असली कांग्रेसी तो कट्टर हिंदुत्व का नारा लगाने वाले लोग हैं

नुक्कड़ पर आम दिनो की अपेक्षा बहुत शांती थी अन्ना के आंदोलन मे समय था और फ़िलहाल बाबा रामदेव को नया आंदोलन खड़ा करने मे वक्त लगने वाला था । सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी फ़िलहाल संकट विहीन समय का आनंद ले रहे थे और दीपक भाजपाई सकंट शुरू करने का मुहुर्त देख रहे थे । आसिफ़ भाई ने पूछ लिया दवे जी अब आगे क्या होगा मै कुछ कहता कि सामने से बाबा रामदेव के स्वयंभू समर्थको का जुलूस आया नारे लग रहे थे "सोनिया मम्मी हाय हाय कांग्रेस आई हाय हाय"   "हिंदू संत का ये अपमान नही सहेगा हिंदुस्तान" "जो हिंदू हित की बात करेगा वही देश मे राज करेगा " इनका पेटेंट हर हर महादेव का नारा तो था ही बाकि भ्रष्टाचार को कम और सोनिया मम्मी को ज्यादा कोसा जा रहा था ।


इस जूलूस को देख बीच मे बैठे आसिफ़ भाई शर्मा जी के पास बैठ गये पूछा क्या शर्मा जी क्या कहना है इस जुलूस पर । शर्मा कांग्रेसी बोले भाई ये लोग आज से थोड़े ही है जब से देश आजाद हुआ तब से हैं इनसे हम को कोई फ़र्क नही पड़ता अभी दो महिना पहले हम तीन राज्यो मे चुनाव जीत कर आये हैं । दीपक भाजपाई भड़क गये अब वो दिन गये बेटा कांग्रेसी देखो ये जा रहे हैं हमारे समर्थक ऐसा मजा चखाएंगे नानी याद आ जायेगी तुम लोग अब दस साल के लिये सत्ता भूळ जाओ । मैने पूछा कहां है  भाजपाई तुम्हारे समर्थक मुझे तो नजर नही आ रहे कहीं । दीपक भाजपाई बोले रात को ज्यादा हो गयी थी क्या दवे जी जो सामने जा रहा जुलूस नही दिख रहा । मैने कहा भाई जुलूस तो पूरा दिख रहा है पर उसमे तुम्हारे समर्थक कहां है  । ये सब तो कांग्रेसी लोग है शर्मा जी जरा इनके जलपान की व्यवस्था करो भाई शर्मा जी अचकचाये बोले क्यो मजाक करते हो दवे जी ये सब तो दीपक भाजपाई  के समर्थक हैं  वही जाने ।

मैने कहा भाई समर्थक भले दीपक भाजपाई के हैं पर काम तो आपका ही कर रहे हैं देखो ये जहां जहां से जायेंगे उस उस गली के सारे अल्पसंख्यक आपके भ्रष्टाचार को भूल बाबा रामदेव पर हुये दमन को भूळ  कांग्रेस के पीछे लामबंद हो जायेंगे  । यही तो आपको चाहिये यही होने पर तो आप फ़िर सत्ता मे आते हो नही तो जिस जगह ये लोग कमजोर है जैसे यूपी मे वहां आपकी पार्टी का नाम लेवा नही है । भाई किसी भी चुनाव मे चार प्रतिश स्विंग से ही सरकार आर पार हो जाती है ये जुलूस वाले तो पूरा बीस प्रतिश स्विंग करा देते हैं । आज कांग्रेस का बड़े से बड़ा नेता अपने भाषण से एक वोट कांग्रेस के पक्ष मे नही दिलवा सकता ऐसे मे ये हर हर महादेव का नारा लगाते ये लोग करोड़ो वोट बिना परिश्रम का कांग्रेस को दिलवा रहे है शर्मा जी आपको आभार व्यक्त करना चाहिये

शर्मा जी कुछ कहते कि उनसे पहले दीपक जी भड़क गये बोले हिंदुस्तान मे रहकर हिंदुओ की बात करना गलत है क्या मैने पूछा भाई किस बात मे हिंदुओ का हित है जरा बताओ तो और देश मे हिंदुओ का क्या अहित हो रहा है । खुश हाल देश मे ही हिंदुओ का हित है भाई और इसी मे मुसलमानो का भी है । इसको छॊड़ो तो भी भ्रष्टाचार के मुद्दे मे ये हिंदुत्व कहां से आया रे भाई बाबा रामदेव का दमन नही हुआ है इस देश की जनता की भावनाओं का दमन हुआ है इसमे हिंदू भी है और मुसलमान भी साध्वी को लाकर क्यो तुम देश की जनता को बाटने मे लग गये । सिर्फ़ इसी लिये कि तुमको बाबा के दमन मे फ़ायदा दिख रहा था खुद तो भ्रष्ट हो इसलिये जनता का साथ नही मिल रहा तो येन केन प्रकारेण सत्ता चाहिये वो भी समय से पहले ।


 दीपक भाजपाई इस खांग्रेस से त्रस्त और खांग्रेस का मतलब खान ग्रेस से नही है भाई खाने वाली कांग्रेस से है इनसे मुक्ती पाने के लिये देश के सामने तुम्हारे अलावा है कौन ।  सब वोट तुमको ही पड़ेगा भाई यहां तक मेरा भी पर शर्त लगा लो  फ़िर भी तुम लोग हार जाओ क्योंकि ये जुलूस मे लग रहे नारे फ़िर मुद्दा घुमा के भ्रष्टाचार से दूर धर्म और जात पर ले जायेंगे ।  उसमे तो भाई तुम्हारा पक्ष कमजोर ही पड़ेगा बटने मे भारतीय वोटर अनगिनत टुकड़ो मे बट जाता है ऐसे मे इस कपटी कांग्रेस से पार पाना तुम्हरे बस मे नही यूपी मे ही तुम्हारा दम निकल जायेगा

दीपक भाजपाई कुछ करना ही चाहते हो तो मोदी को सामने ले आओ रीढ़विहीन नेताओ की चाल से मुक्ती दिलाओ और जन आंदोलन को दूषित न होने दो । बहुत हुआ अब इस कांग्रेस से मुक्ति चाहिये इमानदार और विकास पुरूष खोज रहा है यह देश इसे अब जातिवाद धर्मांधता से नही लेना देना । अब हमे मोदी जैसा ईमानदार भ्रष्टाचार मुक्त नेता चाहिये  ईमानदार और विकासशील सरकार होगी तो सभी का फ़ायदा है आज गुजरात के विकास का लाभ सभी को मिल रहा है नहरो मे बहता पानी जात पूछ कर सिचाई नही करता और धर्म पूछ कर प्यास नही बुझाता



इसलिये शर्मा जी अपनी सरकार के दिन गिनो और दीपक भाजपाई ज्यादा होशियार मत बनो स्याना कौंवा कहां चोंच मारता है सभी को पता है ।

Friday, June 10, 2011

ए भाई कोई तो बाबा को जूस पिला दो भाई

भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी नुक्कड़ पर दीदार फ़िल्म मे दिलीप कुमार की तर्ज पर "ए भाई कोई तो बाबा को जूस पिला दो भाई " कहते घूम रहे थे उनकी हंसी रोके नही रुक रही थी । दूसरी ओर दीपक भाजपाई हाथ मे ग्लूकोस की बोटल लिये बाबा का अनशन जारी है का नारा लगा रहे थे । इस मंजर को देख भीड़ आश्चर्य चकित थी कि हो क्या रहा है । आसिफ़ भाई ने दुखी स्वर मे कहा देख रहे हो दवे जी देश की हालत अब ये दिन देखना बाकी था । इस बाबा को भी क्या पड़ी थी आज उनका कोई फ़ायदा उठा रहा है कोई मजा ले रहा हैं । आप बताईये मसले का हल क्या हो सकता है और भ्रष्टाचार का मामला सलटेगा कैसे ।
मैने कहा भाई जब देश की मीडिया ही एकमत नही है तो जनमत बनेगा कैसे आसिफ़ भाई हड़बड़ाये मीडिया का जनमत से क्या लेना देना । मैने कहा भाई इस देश मे लोगो की सोच मीडिया ही बनाती है जैसी सोच बनवाने का पैसा मिलता है मीडिया भी देश को उसी ओर मोड़ देती है टीवी पर अखबारो मे उसी के अनुसार लेख छपने चालू हो जाते हैं । हाल सिर्फ़ यही का नही है विश्व का भी यही हाल है जब तक कोई देश अमेरिका यूरोप का चेला बना रहेगा तब तक वह अंतराष्ट्रीय मीडिया को स्वर्ग नजर आयेगा मामला पलटते ही लीबिया बनने मे देर न होगी ।

आसिफ़ भाई भुनभुनाये यार दवे जी दो बात पूछी नही कि होशियारी झाड़ने लगते हो अभी बात भ्रष्टाचार की हो रही है और लगे सर दुखाने ये बताओ सोनिया मम्मी भ्रष्टाचार पर रोक क्यों नही लगाती क्या ऐसी भद पिटना उनको अच्छा लग रहा है । मैने कहा आसिफ़ भाई सोनिया मम्मी हो या आडवानी चाचा इनका ताउ भी भ्रष्टाचार पर रोक नही लगा सकता इनका खुद का दामन तो दागो से भरा हुआ है । पिछले तो छोड़ो अगले होने वाले भ्रष्टाचार पर भी रोक नही लगा सकते  ये सब इनके हाथ मे है ही नही । देश मे भ्रष्टाचार को न होने देना सिर्फ़ और सिर्फ़ सिविल सर्विसेस के अधिकारियों के हाथ मे है । पूरे देश को और लोकतंत्र को असफ़ल केवल उन लोगो ने ही बना रखा है उनकी ताकत और दौलत अकल्पनीय है । उनके खिलाफ़ मुह खोलने से पहले पत्रकार भी सौ बार सोचते हैं और आम जनता तो बेचारी खेला जानती ही नही फ़ोकट इन बेचारे नेताओं को गाली बकती है । बेचारे सांसद अपनी तंख्वाह थोड़ा बढ़ा लेते हैं तो हल्ला मच जाता है वहीं ये अफ़सर हर वेतन आयोग मे अपनी तंख्वाह दुगनी कर लेते हैं तो कोई नही पूछता । ये बात याद रखो राजा ने अगर दस हजार करोड़ खाये होंगे तो निश्चित सचिव से लेकर नीचे तक पुछल्ले अफ़सरो ने पचास हजार करोड़ दबाये होंगे इन बेचारे नेताओ को तो संगंठन को पैसा देना पड़ता है ।अफ़सरों का तो इनकमिंग फ़्री है आउट गोंईग का सवाले नही उठता

राजा तो आना जाना है पर ये अफ़सरासुर तो सदैव दांत गड़ाये वहीं बैठा रहेगा । बिना इनकी साईन के कोई काम हो ही नही सकता सचिव इमानदार हो तो कोई नेता बेईमानी कर ही नही सकता जिस अफ़सर के घर चले जाओगे उनको पापा मम्मी कहने वाले दलालो और निचले अधिकारियों की फ़ौज आपको मिल जायेगी । और जिस की नजर आप पर तेढ़ी हो गयी तो आसिफ़ भाई विनायक सेन बना दिये जाओगे आपके दोस्त ही धिक्कारेंगे आपको । आपको चाहने वाले बुरा भला कहेंगे तो भी रमन सिंग को उस अफ़सर को नही । जिस दिन देश मे भ्रष्टाचार खत्म करना है । आईएएस आईपीएस अफ़सरो पर जुर्म साबित होने पर मौत की सजा हो जाये और हर साल नार्को एनालिसिस हो फ़िर देखो भ्रष्टासुर भारत से कैसे गायब होता है नेताजी लोगो को पार्टी चलाना भारी पड़ेगा ।

आसिफ़ भाई ने सर खुजाया यार हवा मे कहां से कहां उड़ जाता है ये बता ये बाबा की जांच क्यो करवा रही है कांग्रेस खुद तो बेईमान हैं कि नही । मैने कहा आसिफ़ भाई बाबा को देश का नेता बनना है गांधी बनना है तो अग्नी परीक्षा देनी होगी की नही फ़िर धीरे से उन के कान मे फ़ुसफ़ुसाया मियां परसो जो मुहावरे रट रहे थे पढ़ दो नुक्कड़ मे धाक जम जायेगी इतना सुनते ही आसिफ़ भाई सीना फ़ुला चालू हो गये ceaser's wife should be above suspicion ------

Wednesday, June 8, 2011

नुक्कड़ चर्चा -- रामदेव बाबा के आंदोलन का पोस्टमार्टम

                     नुक्कड़ पर भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी दुखी थे और दीपक भाजपायी दुखी नजर आने का असफ़ल प्रयास कर रहे थे । सबसे बुरा हाल आसिफ़ भाई का था वे दुखी होंउ या खुशी मनाउं समझ ही नही पा रहे थे । मुझे देखते ही आसिफ़ भाई फ़ट पड़े यार दवे जी मेरी पीड़ा का अंत करें माजरा क्या है और बाबा के आंदोलन का औरर आखिर ये दमन हुआ क्यों यह भी जानकारी दो । मै धीरे से मुस्कुराया बोला भाई तुम लोग तो हिंदू मुसलमान कांग्रेसी भाजपायी बन कर सोचते हो और इन विषयों को भारतीय बन कर ही समझा जा सकता है

                                  तीनो ने सर हिलाया कहा हम भारतीय बन सुन रहे हैं आप बताओ । मैने कहा सबसे पहले तो ये बाबा के आंदोलन का प्रारूप गलत था लोकतंत्र मे अनशन सांकेतिक रूप से गंभीर तात्कालिक मुद्दे पर  लचीलेपन के साथ होना चाहिये जैसे अन्ना हजारे का आंदोलन था । अब  सरकार जनलोकपाल बिल मे वादाखिलाफ़ी करती है तो  चुनाव मे जनता सबक सिखायेगी । दूसरे ऐसे अनशन मे चुनिंदा मझें हुये कार्यकर्ता ही करते हैं । बाबा की तरह नही कि हजारो बुजुर्ग विकलांग और महिलाओं को बैठा दिया ऐसे मे अनहोनी की आशंका हरदम रहती है । सरकार को ब्लैकमेल नही करना चेतावनी देना है कि जनता की क्या तकलीफ़ है । तीसरी बात मुद्दे सीमित और गंभीर होने चाहिये ये नही कि कालाधन भी उसके बाद सुनाई पड़ा भू अधिग्रहण का मामला तो उसे भी जोड़ लिया अब इस बाबा को राष्ट्रीय किसान आय आयोग भी चाहिये शिक्षा मे भारतीय भाषाये भी चाहिये था और भी पता नही क्या क्या । मजाक है क्या पचास हजार अनुयायियों को बुलाया और सौ मांगे लेकर बैठ गये नाम हुआ तो अपना अनहोनी हुयी तो सरकार जिम्मेदार । आंदोलन का अंत गिरफ़्तारी से होता है कैसे अन्ना ने घोषणा की थी हम जेल जाने को तैयार हैं और ये बाबा तो महिलाओं का सुरक्षा घेरा बना गिरफ़्तार नही होना चाहते थे । इतना सुनते ही दीपक भाजपाई भड़क गये बोले दवे जी कितना माल मिला कांग्रेसियो से जो अनाप शनाप बक रहे हो ।

मैने कहा आगे तो सुनो भाई आपको अभी और तिलमिलाना बाकी है ये । क्या जनता को दिख नही रहा कि आंदोलन के शांतिपूर्ण खत्म होने पर सरकार का फ़ायदा था और दमन होने पर भाजपा का इसीलिये शुरू मे ही आनन फ़ानन मे  चार चार वरिष्ठ मंत्री एयरपोर्ट गये चर्चा की आंदोलन शुरू होते ही फ़िर होटल मे चर्चा हुयी और सहमती भी बन गयी । लेकिन बाबा पर लौटते ही संघ का दबाव पड़ा आंदोलन जल्दी समाप्त करने के विरूद्ध बाबा के श्रीमुख से नयी नयी मांगे निकलने लगी राष्ट्रीय किसान आय आयोग जमीन अधिग्रहण और भी बहुत सी । सहमती पत्र दे चुके बाबा की नयी मांगो और मंच पर बैठी साध्वी रितंभरा को देख सरकार का माथा ठनका । आंदोलन मे संघ के परोक्ष रूप से जुड़े होने की बात उसे पहले से पता थी पर उसका और उसके अनुषांगिक संगठनो का इस तरह खुल कर सामने आना बात अलग थी । खुफ़िया सूचनायें थी कि  अगले दिन सुबह से भारी भीड़ जुटने वाली है और यह भी की बाबा अब इस आंदोलन को टकराव की ओर ले जाने वाले हैं । बाबा पर दबाव बढ़ाया गया लेकिन बाबा को टकराव से ही लोकप्रियता मिलने की सीख मिली थी और अन्ना के आंदोलन का हश्र भी बाबा को बुरा नजर आ रहा था । इसपर सरकार ने सहमती पत्र जारी कर दिया और अपना पत्र बाबा के पास भेज दिया लेकिन बाबा ने उसे झूठा और साजिश करार दिया । अब सरकार के पास कोई चारा नही था दिन मे आंदोलन खत्म कराने पर क्या हंगामा होता यह सरकार जानती ही थी ।  इसलिये रात मे ही सरकार ने कार्यवाही के निर्देश जारी कर दिये । जितना नुकसान हो सकता था उससे कम ही हुआ । सरकार के लिये एक नपा तुला कदम था नुकसान भी बाबा अपने बयानो से आने वाले दिनो मे पूरा कर ही देने वाले थे

मेरे इतना कहते ही सोहन शर्मा नाचने लगे बोले मान गये दवे जी बेहद दिमागदार आदमी हो मैने कहा मिया किसी गलत फ़हमी मे न रहना दवे जी और पूरा देश अभी उस धर्म निरपेक्ष आदमी की तलाश मे हैं जो आपकी पार्टी को हमेशा के लिये स्विस बैंक मे जमा कर आये आप लोगो के पाप का घड़ा अब भर चुका है । तभी बाजू खड़े दीपक भाजपाई बोले दवे जी भी कांग्रेसी हैं खाली खाल आम आदमी की ओढ़ रखी है। मैने जवाब दिया दीपक जी निकम्मे और भ्रष्ट आप लोग भी कांग्रेस से कम नही और बल्कि एक कदम आगे बढ़ गये हो यतियों को सामने रख लड़ना चाहते हो । खुद के बुलावे पर जनता साथ नही दे रही तो रामदेव का आंदोलन दूषित करने पहुंच गये । अपने गिरेबान मे झांकने की जहमत क्यों नही करते जनता क्यो साथ नही दे रही इसका चिंतन क्यों नही करते नेता से कार्यकर्ता सब भ्रष्ट हो गये हैं । इसका उपाय आपसे किया न जायेगा न करने की इच्छा है खाली सहारा खोजते हो । याद रखो आज से तीन साल बाद आप ही देश मे विकल्प हो सावधान अगर आपने अपने को ठीक न किया तो इस देश का  लोकतंत्र से विश्वास उठ जायेगा । तुम्हारी पूरी पार्टी मे मोदी के अलावा और कोई ईमानदार और विकास पुरूष नही है  । पर तुम्हारे जनाधार विहीन नेता कभी उसको सामने नही लायेंगे खाली उसका फ़ोटो दिखा वोट कमायेंगे । सुधर जाओ दीपक बाबू अभी भी समय तुम्हारे साथ है । और खबरदार जो आज के बाद किसी गैर राजनैतिक आंदोलन को दूषित करने का प्रयास किया ।

मेरे इतना कहते ही आसिफ़ भाई मुझे खींच कर अलग ले गये बोले दवे जी सबको ही खरी खोटी सुना देते हो किसी एक का पक्ष तो लिया करो । मैने ठंडी सांस ली बोला भाई आज तो  हम लोग याने जनता विपक्ष हैं और सारी पार्टियां सत्ता पक्ष अब आप ही बताओ विपक्ष का काम सत्ताधारियों को खरी खोटी सुनाना है कि नही

Saturday, June 4, 2011

बाबा राम देव को सत्ता सुंदरी का उलाहना पत्र

चिर कुंवारे बाबा

प्यारे इस लिये नही लिखा कि मै आपसे सख्त नाराज हूं मेरे पिछले प्रेम पत्र मिलने के बाद भी आप नही माने । आपने वह काम कर दिया जिसके खिलाफ़ हमने आपको सख्ती से चेतावनी दी थी । आप को पता नही है कल दिग्गी मामू आये थे और हमे चिढ़ा रहे थे देखो सुंदरी मै न कहता था खोदा बाबा निकली बीजेपी बात इस पर भी खत्म नही हुई लालू चाचा तो कह गये कि तुम्हारा बाबा पगला गया है योगा सिखाये खामखा तुम्हारे पीछे पड़ा है सब समर्थक भाग जायेगा । मैने आपको कई बार कहा कि अपने अभियान को धर्म और राजनीती से दूर रखो पर आप माने नही ले आये उस साध्वी रितंभरा को साथ जिससे हम बहुत चिढ़ते है । हमारे 120 करोड़ बच्चे हैं और हम सभी से प्यार करते हैं और आपस मे द्वेश होगा तो विनाश  राज्य का ही हो जायेगा । आपको मैने सारी बाते समझायी थीं श्राप का भी पाठ पढ़ाया था पर आप नही माने और आपके स्वागत मे चरणधूली फ़ांकती राज्यसभा आज आपके छीछालेदर को तत्पर है कल तक जो बाते शकुनी (दिग्गी) मामा कहता था आज माता गांधारी (इटली वाली) भी उसी लाईन पर चल पड़ी है

क्या आप नासमझ हो क्या जरूरत थी आपको बीजेपी और संघ को साथ लेने की क्या आपको पता नही था वे भी आकंठ भ्रष्टाचार मे डूबे हुये हैं । उनको साथ लेने के पहले क्या आपको पता नही था कि ऐसा करने से जो स्वामी की पदवी आपने धारण कर रखी थी का पद जाता रहेगा । उस साध्वी को मंच पर बैठाने से क्या आपके समर्थको मे एक भी व्रुद्धी हुयी नही बल्कि लाखो लोग आपसे रूष्ट हो गये । ये लोग जो नारा लगाते है "जो हिंदू हित की बात करेगा वही देश मे राज करेगा " इन लोगो को क्या मालूम है हिंदूओं का हित किसमे है । क्या हिंदू राष्ट्र बन जाने से सब सवाल खतम हो जायेंगे क्या फ़िर हिंदुओ के अंदर भी जातिवाद नही है । क्या मुस्लिम राष्ट्र बन कर पाकिस्तान स्वर्ग बन गया आज रोज मस्जिदो मे बम धमाके हो रहे हैं अर्थ व्यवस्था ध्वस्त है । राज्य का हित सर्व धर्म समभाव मे होता है क्या ये बात नही जानते थे जो इन लोगो को साथ लिया ।  यह बीजेपी जो चारो ओर भ्रष्टाचार मे लिप्त है अगर इतनी ही देश प्रेमी हिंदू प्रेमी है तो क्यो नही नरेन्द्र मोदी जैसे ईमानदार और विकास पुरूष को अपना नेता बनाती क्योंकि इन्हे पता है जिस दिन मोदी जैसा ईमानदार आदमी आ गया इनकी दाल रोटी बंद हो जायेगी ये तो बस मोदी क फ़ोटू दिखाती है और खुद खीर मलाई खाती है । यह बीजेपी आपके साथ इसिलिये होना चहती है कि खुद भ्रष्टाचार से ग्रस्त होने के कारण जब भी वह सरकार पर आरोप लगाती है सरकार आईना दिखा कर मुह बंद करा देती है ।


क्यों आपने बीमार , विकलांग महिला पुरूषो बजुर्गो और बच्चो वाली माताओ को अनशन मे शामिल होने दिया क्या आपको मालूम नही था कि आपात स्थिती आने पर इन पर क्या अनहोनी बीत सकती है। आपने पार्दर्शिता भी नही बरती सरकार से क्या बात चीत हो रही है और ये आपका ब्वायफ़्रेंड बालक्रुष्ण कौन है इसके पहले तो कभी इसका चेहरा सामने नही आया । क्यो उसने दस्तखत किये समझौता पत्र पर और कर ही लिये तो फ़िर तनातनी की स्थिती क्यों आने दी क्यो चर्चा से सौहाद्र पूर्ण वातावर्ण खत्म हो गया । इसके लिये सरकार जिम्मेदार थी तो आपने जनता को पूरी बात क्यो नही बताई पूरा मीडिया आपके साथ था ।


देखिये बाबा रामदेव ये आंदोलन आपका अकेले का नही है पूरे देश की जनता जो आकंठ भ्रष्टाचार और कांग्रेस की तानाशाही से त्रस्त है ने आपमे अपनी उम्मीद की किरण देखी है आज आपके आंदोलन पर हुये अत्याचार की घटना ने देश को झकझोर दिया है । इस देश की सोई हुयी १२० करोड़ जनता को उठने के लिये ऐसी ही किसी घटना का इंतजार था आज वह आपके साथ खड़ी है । अकेले चलो आगे बढ़ो पूरा देश उठ खड़ा होगा पर याद रखना फ़िर अंतिम चेतावनी दे रही हूं किसी भी राजनैतिक दल को साथ लिया तो आप खुद भी उनके दलदल मे समा जाओगे । और फ़िर सरकार से आप उसी व्यहवार की उम्मीद करना जैसा किसी साथी चोर भ्रष्ट राजनैतिक दल के साथ किया जाता है ।

आपकी हो सकने वाली

सत्ता सुंदरी