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Friday, May 13, 2011

मम्मी और दिग्गी मांमू भाग दो - रामू काका और राहुल बाबा का गीता संवाद

 मम्मी और दिग्गी मांमू भाग दो - दिग्गी मांमू और राहुल बाबा का गीता संवाद


अब चुनाव युद्ध का समय आ चुका था  राज्य मे महज तिहाई हिस्सा मांगने के बावजूद मुलायम कुरूव्रुद्ध  और और गांधार कुमारी महामाया ने इंकार कर दिया था । दूत भेजने बुलाने का समय जा चुका था रणभेरी बज चुकी थी । प्रचार रथ मे खड़े होकर सारथी रामू काका से बाबा ने कहा मेरा रथ हमारी और विरोधियों की सेनाओ के बीच खड़ा करे । मै हमारी सेनाओं से युद्ध के अभिलाषी सभी वीरो को देखना चाहता हूं । रथ के बीच मे आते ही राहुल बाबा ने विपक्षी दलो के ध्वजो से सजी उनकी सेनाओ और सेनापतियों को देखा महारथियों को भी देखा और आम सैनिको को भी देखा जो दल भक्ती के कारण युद्ध मे आ जुटे थे । मरने मारने को उतारू इन सभी को देख बाबा का मन विषाद से भर गया ।


और बोले रामू काका ईडिया जैसे टेन कन्ट्रीस का राज्य भी मिल जाये तो भी मेरे एनसेस्टर्स के वर्क लैंड मे मै अपनो पर ही वार नही कर सकता  कुरूव्रुद्ध मुलायम और और गांधार कुमारी महामाया दोनो ही पूज्यनीय हैं क्या आपको याद नही डील परमाणू से लेकर 2 G तक हर मौके पर इनका स्नेह हमें मिलता रहा है  कुरूव्रुद्ध ने तो डील परमाणू मे हमारी रक्षा के लिये अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और  गांधार कुमारी ने हमारे अलावा क्या किसी और को भट्टा परसौल जाने दिया था। और पितामह लाल किशन को तो देखो कब से राज्याभिषेक के लिये पाईपलाईन मे लगे हैं क्या हो जायेगा जो एक बार ये ही बन जायें ।  मै प्रचार नही करूगा ऐसा कह बाबा रथ मे ही नीचे बैठ गये ।




रामू काका तुरंत राम किशन बन गये और ओज पूर्ण स्वर मे बोले - जनता को टॊपी पहनाने वाले उच्च राजकुल मे जन्म लेकर भी यह कुविचार आपके मन मे आया कैसे ।  हे इंदिरेश अपनी गौरव पूर्ण कुलगाथा को याद कीजिये कैसे आपकी महान दादी ने आपातकाल लगाने तक मे हिचक न की थी कैसे उनके पिता ने इसी राजगद्दी के लिये देश का बटवारा भी मंजूर कर लिया था । कैसे आपके परम प्रतापी चाचा ने अपनी प्रचंडता से आर्यावर्त को हिला कर रख दिया था समस्त फ़िल्मी अप्सरायें भी उनके तेज से डर उनके सामने न्रत्य किया करती थीं । आपकी माता को ही लीजिये सात समुद्र पार के राज्य की होने पर भी उन्होने कितनी कुशलता से यहां की राजनीती सीख आपके उत्तराधिकार की रक्षा की है । हे इटिलेश आप अपने कुल को कलंकित न कीजिये पकड़िये माईक और प्रचार युद्ध शुरू कीजिये । अपना अक्षय भाषण तुणीर उठाइये और प्रहार कीजिये ।


बाबा इतना सुन कर भी तत्पर न हुये बोले रामू काका क्या मेरे आरोप अस्त्र से कुरूव्रुद्ध और गांधार कुमारी आहत न होगी मोहन दादा को कमजोर कह चुके लालकिशन दादा को मै उनसे उम्र मे आधा यदि कमजोर कह दूंगा तो क्या वे व्यथित न होंगे । क्या इससे मर्यादा भी भंग न होगी । रामू काका मुस्कुराये बोले हे राजीव नंदन ये सब क्षत्रीय राजनेता हैं इन पर आरोप अस्त्र का कोई असर नही होता और आश्वासन बाण के सम्मोहन मे ये आते नहीं हैं युद्ध हार जाने पर भी इनका और आपका अंदरूनी प्रेम कम न होगा । और युद्ध समाप्ती के बाद इन सब से आपका पुनः प्रेम स्थापित हो जायेगा और यदि किसी का  मन दुख भी जाये तो आप लालकिशन दादा की तरह माफ़ीनामा जारी कर देना ।


क्रमशः
पिछला घटना क्रम जानने के लिये -

दिग्गी मामा नही ये मामू है मम्मी का रामू है- भाग एक

Saturday, May 7, 2011

नुक्क्ड़ चर्चा - भाई सोहन शर्मा और लादेन के बाद का पाकिस्तान

ईंडिया टीवी देख नुक्कड़ पहुंचते ही शर्मा जी ने घोषणा कर दी लादेन के पाकिस्तान मे मिलने के बाद अमेरिका पाकिस्तान को धेला भी न देगा । भारत को पाकिस्तान पर हमला कर  दाऊद इब्राहिम हाफ़िज सईद को लादेन टाइप ही मार देना चाहिये । शर्मा जी ने इतने पर ही बस न की आगे बोले पाकिस्तान को दर दर का भिखारी बना देना चाहिये । सभी टीवी चैनलो की तरह शर्मा जी को भारी जनसमर्थन मिला । तभी उनकी खुशी भंग करते हुये मैने कहा क्या शर्मा जी दिग्गी मामू टाईप कुछ भी कमेंट करते हो ।

जनसमर्थन से लबलबाये शर्मा जी ने चढ़ाई कर दी दवे जी इस मामले मे लफ़्फ़ाजी न चलेगी । मैने उदाहरण दिया शर्मा जी आपके के पड़ोस मे कोई अकेला कुवांरा रहेगा तो आपको कैसा लगेगा । शर्मा जी भड़क गये मैने भूल सुधार करते हुये कहा चलो ये मान लो आपके पड़ोस मे कोई कंगाल रहेगा तो क्या होगा । शर्मा जी बोले मेरी संपत्ती को खतरा रहेगा और क्या मैने कहा और आप शांती से न रह पाओगे हर दम मन मे खटका रहेगा । शर्मा जी बोले बात तो आप ठीक बोल रहे हो मैने कहा ठीक यही बात पाकिस्तान पर भी लागू होती है । कुवांरे या कंगाल को आप कालोनी से भगा सकते हो पाकिस्तान को नक्शे से नही भगा सकते । शर्मा जी संतुष्ट न हुये हमला कर के अपने मुजरिमो को तो मार सकते हैं ।


मैने कहा शर्मा जी लादेन के मरने के पहले और बाद मे भी पाकिस्तान मे आपात स्थिती है देश कर्जे मे डूबा हुआ है चारो ओर अराजकता है आतंकवादी हमले हो रहें हैं शासन किसके हांथ मे है मालूम नही । नंगो से खुदा डरता है तो क्या हिंदुस्तान को नही डरना चाहिये  अमेरिका भी इसी डर से पाकिस्तान को मदद दे रहा है कि कहीं जिहादियो के कब्जे मे न आ जाये । पाकिस्तान के पास खोने के लिये सिवाय इज्जत के कुछ भी नही भारत का एक हमला उसको अफ़गानिस्तान मे बदल देगा और जिहादी ताकतें हमारा जीना मुश्किल कर देंगी । शर्मा जी मजबूत और खुशहाल पाकिस्तान मे ही भारत की भलाई है ।

शर्मा जी बोले और ये टीवी चैनल और नेता लोग ऐसी बात कर रहें हैं वो क्यों । मैने कहा टीवी वाले तो टीआरपी प्रेमी है और दर्शक आपके जैसे हैं कुछ भी भड़काने वाली खबर दिखी नही कि चिपक गये टीवी से भाई अपना दिमाग भी लगाना चाहिये की नही और रही बात नेताओं की उनको तो समस्याओ से जनता का ध्यान बाटना ज्यादा जरूरी है । उनके इस बयान से पाकिस्तान की जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा उससे उनको क्या मतलब ।  आतंकवादी हमलो मे तो आम आदमी मारा जाता है नेता  थॊड़े ही।

शर्मा जी अपने टाईप के दर्शको की बात पर भड़कते उससे पहले मैने नयी बात छेड़ दी क्या शर्मा जी अपनी नयी पड़ोसन से कल बहुत हंस हंस कर बतिया रहे थे  मामला क्या है । इतना सुनते ही पूरा नुक्कड़ शर्मा जी के पीछे पड़ गया और शर्मा जी हाय मै शर्म से लाल हुयी के अंदाज मे सफ़ाई देने मे व्यस्त हो गये और मै गर्मागरम यूरिया वाली चाय पीने मे  ।