नुक्कड़ पर भाई सोहन शर्मा उर्फ़ कांग्रेसी ने शोक सभा रखी थी बड़ी कठिनाई से अपना हर्ष छुपाते हुये उन्होने घोषणा की । हमे निगमानंद जी के देहावसान का बड़ा दुख है भगवान उनकी आत्मा को शांती दे । इतना कह उन्होने पैतरा बदला कहने लगे जब मै रामदेव बाबा को ढोंगी कह रहा था तब आप सब मुझे गालियां दे रहे थे । आज निगमानंद जी ने प्राण देकर दिखा दिया कि असली अनशनकारी कैसा होता है 28 दिन तक निगमानंद जी ने कुछ नही खाया था मै सरकार से दरख्वास्त करूंगा कि आगे से नये अनशन कारियों के लिये कम से कम 50% पासिंग मार्क रखो 14 दिन से पहले किसी अनशन कारी से बात मत करो । दीपक भाजपाई दुखी नजर आ रहे थे शर्मा जी ने टांट कसा निगमानंद जी के मरने पर दुखी हो या बाबा रामदेव के बच जाने पर इतना सुनते ही दीपक भाजपाई आपे से बाहर हो गये बोले आप लोगो को हर चीज पर राजनीती नजर आती है शोक सभा मे भी व्यंग्य कस रहे हो ।
शर्मा जी भी पीछे नही थे बोले आप लोगो को तो राजनीती नजर ही नही आती बाबाओं के के पीछे छुप लड़ने के पहले देखते तो अपने घर के बाबा कैसे हैं मर तो नही रहे । पांच दिन मे रामदेव कोमा मे चले जायेगा की घोषणा करने वाले निशंक को 28 दिन से भूखे निगमानंद के कोमा पर जाने की शंका नही हुई । अरे भ्रष्टाचार के खिलाफ़ लड़ने के पहले खुद का गिरेबान तो झांकते मोदी छोड़ कौन इमानदार है चोर चोर मौसेरे भाई फ़िर काहे की लड़ाई । वो भी छोड़ो दुनिया भर के साधु संतो की पार्टी होने का दावा करते हो तो क्यों नही रामदेव बाबा की कुंडली किसी साधु को दिखाई मालूम तो पड़ जाता रामदेव बाबा के दिन बुरे आने वाले हैं दूसरा बाबा खोज लेते । हमको देखो हमने पहले ही बाबा की कुंडली दिखवा ली थी जितने दिन समय सही था उनको प्रणाम किया जिस दिन साढ़े साती शुरू हुयी नही कि डंडा घुमा दिया । अरे भाई शनी भगवान थोड़े खुद दंड देने आते हैं हम जैसे लोगो के द्वारा ही दिलवाते हैं अब हम लोगो ने भगवान का काम किया तो आप लोग नाराज हो रहे हो ।
दीपक भाजपाई से रहा नही गया बोले रे कांग्रेसी शनी भगवान तुम लोगो को दंड देने वाले हैं वो भी हमारे हाथो अब ज्यादा समय नही है | इतना सुन शर्मा जी उर्फ़ कांग्रेसी दार्शनिक बन गये भाई आपकी बात तो सही है दुनिया मे आये हैं कर्म किया है तो दंड तो सहना पड़ेगा पर शनी भगवान भी मजबूर है करे क्यां किसके हाथो दंड दिलवायें आपको सत्ता देने की सोचते हैं तो आप लोग जय श्री राम हर हर महादेव चिल्ला देते हो सारे अल्पसंख्यक मजबूरी मे हमारे साथ आ जाते है हैं और रही बात हिंदुओ की उसमे भी तुम्हारे जैसे कट्टर लोग अल्पसंख्यक ही हैं समझदार जानते हैं कि कट्टर सोच वाले सत्ता मे आयें तो देश मे वैमनस्य बढ़ेगी वे भी मजबूरी मे हमे ही वोट देते हैं और हम लोग फ़िर बहुसंख्यक हो जाते हैं कुछ कमी पड़ भी जाये तो दलित ओबीसी आदिवासी ये सब कार्ड तो हैं ही और क्षेत्रीय पार्टिंया भी साम दाम दंड भेद से हमारे ही पाले मे आती हैं । भाई जब तक हमारी ही तरह की विचारधार वाली दूसरी कोई ईमानदार पार्टी देश मे न आये शनी भगवान भी हमारा कुछ नही बिगाड़ सकते । और जिस देश मे पार्टी बनाने के लिये ही काला धन लगे वहा कौन ईमानदार पार्टी बना सकता है मतलब साफ़ है हम लोग अजेय हैं । इतना कह शर्मा जी नुक्कड़ पर दंभ भरा नंगा नाच नाचने लगे ।
मेरे बाजू आकर दीपक भाजपाई भुनभुनाये ये निगमानंद जी का मामला भी अभी उठना था जरूर कांग्रेसियो की इसमे चाल है मैने कहा दीपक बाबू पहले अपने हाल चाल क्यो नही देखते अरे भाई कट्टर हिंदूवाद ही अपनाना है तो नाम भारतीय हिंदुवादी पार्टी रखो यदी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ना है तो मोदी जी को सामने लाओ और सारे बेईमानो को पार्टी से बाहर करो । बीच का बंदर खेलना है यतियों को सामने रख लड़ना है तो मंदिरो मे लगाये जाने वाले नारे जन सभाओं मे लगाते ही रह जाओगे समझे की नही ।
खैर साहब दीपक भाजपायी समझे कि नही समझे हम सभी समझ चुके हैं कि शर्मा जी उर्फ़ कांग्रेसी का दंभ भरा नाच हमे आगे बहुत दिनो तक देखना है और भारत मे भ्रष्टाचार मुक्त सवेरा होगा इसकी उम्मीद कम ही नजर आती है