Saturday, April 30, 2011

धुर कांग्रेसी विदुर जी और नुक्कड़ चर्चा

नुक्कड़ पर यूरिया वाली चाय पीते पीते विदुर जी ने घोषणा की "  2G स्पेक्ट्रम पर, CAG और Supreme कोर्ट के कुछ Judge के साथ घिनोना षड़यंत्र करके Rss के षड्यंत्रकारी पुरोहित आज ऐसी स्थिति में पहुँच गए हैं, कि वे किसी भी क्षण इस देश के लोकतंत्र का गला घोंट सकते हैं " इतना सुनते ही नुक्कड़ मे हंगामा मच गया संसदीय माहौल को रोकना असंभव जान पड़ता था । मै जोर से चिल्लाया आज चाय का भुगतान कौन करेगा । इतना सुनते ही ऐसी शांती छा गयी जैसे कांग्रेस की कार्य समिती बैठक मे सोनिया मम्मी के मौजूद होने पर छा जाती है ।


मैने कहा विदुर जी ने अपना मत रखा है भारत मे सबको हक है आप तथ्यात्मक बहस करें जो भी सांसद टाईप व्यहवार करेगा आज का बिल वही भरेगा । दीपक भाजपाई का गुस्सा शांत नही हुआ था फ़िर भी संयमित होकर बोले किस आधार पर आप यह कह रहें है । विदुर जी ने कहा " RSS के पुरोहित जिस प्रकार अपनी झूठी-मूठी सत्यनारायण कथा से 'सिविल सोसाइटी' और 'मीडिया' को बरगला लेते हैं, उससे ज्यादा कुछ तर्क-वर्क, भारत की न्यायपालिका को भी नहीं चाहिए..अपनी तटस्थता तोड़ कर RSS के भगवे तले खड़े हेतु. बाबरी और अन्य अनेक मामलों न्यायपालिका के निर्णयों से यह स्वयंसिद्ध हो चूका है " ।

दीपक जी बोले पिछले आठ सालो से सारी नियुक्तियां आप की सरकार ही करती आ रहीं है २जी घोटाले मे आपकी सरकार ने राजा एंड कंपनी को जेल भेजा है कामन वेल्थ गेम आपकी सरकार के कार्यकाल मे हुआ और आपकी सीबीआई अदालत मे कह रही है कि घोटाला हुआ है । आप स्वीकार कर रहे हो कि आपका शासन तंत्र आपके नियंत्रण मे नही है और जिसकी मर्जी मे आया वो घोटाला कर रहा है । सबूत आपने दिये कलमाड़ी के खिलाफ़ राजा के खिलाफ़ और वो जज जिन्होने जेल भेजा वे षड़यंत्रकारी हैं ।

विदुर जी बोले गठबंधन की राजनीति मे समझौते तो करने पड़ते ही हैं  इसमे कुछ चूक भी हो ही जाती है । आसिफ़ भाई ने कहा अरे तुमको जनता की सेवा की ऐसी क्या पड़ी है बहुमत नही मिला तो नही सही ऐसी कौन सी देश भक्ती है कि जनसेवा के लिये मरे जा रहे हो और सेवा करनी ही है तो विपक्ष मे बैठ कर भी की जा सकती है । विदुर जी तिलमिलाये आसिफ़ भाई गुजरात दंगे भूल गये बाबरी मस्जिद की भी याद न रही । आसिफ़ भाई ने कहा मतलब भाजपा ने किया तो तुमको देश को बेच खाने दें नंगा नाचने दे कांग्रेसी क्यों बने नक्सलवादी न बन जाये नवीन पटनायक नीतिश कुमार को आगे न बढायें ।

शर्मा जी बोले बात तो सही है पुरुलिया मे हथियार तुम्हारी पार्टी ने गिराये थे ये बात खुल चुकी है । विदुर जी से रहा न गया चीख उठे ये झूठ है । मैने कहा अगर ये झूठ है भाई तो नक्सलियो को क्यो नही दिखती कांग्रेस् आई आज क्यो आंध्र मे जब तक चंद्र बाबू नायडू थे तो उन पे जान लेवा हमला तक हुआ और कांग्रेस सरकार आयी तो नक्सलवादी गायब हो गये । और क्यों गढ़चिरोली जहां उनका होना कांग्रेस कॊ फ़ायदे मंद है को छोड़ किसी कांग्रेसी राज्य मे नक्सल वादी नही हैं । पश्चिम बंगाल मे तो वे खुल्लम खुल्ला आपके गठबंधन के समर्थन मे हैं ।  नक्सलवादियो को उस समय आपकी पार्टी ने हथियार पहुंचाये थे कि विपक्ष की सरकार गिरा सकें । और तो और दाउद से लेकर ताज तक हर जगह कुछ न कुछ गड़बड़ है । विदुर जी अभी अंग्रेजी क्लास से आ  रहा हूं सुनो दो मुहावरे Something is rotten here और  Caesar's wife should be above suspicion  ऐसे मुहावरे गलत तो नही है ।

बात साफ़ है आपकी पार्टी सत्ता मे रहने के लिये कुछ भी कर सकती है यहां तक की लोकतांत्रिक संसदीय परंपराओं कॊ भी छोड सकती है । देख नही रहे PAC की रिपोर्ट सामने आने न दी हंगामा कर दिया धक्का मुक्की की यहां तक की नया अध्य्क्ष चुन लिया ।  विदुर जी बोले बहुमत असहमत था मैने कहा बहुमत नही बेईमानो का बहुमत और पूरे भारत मे बहुमत है इन्ही के पास । बहुमत है पूंजीपतियो के पास भारत की बहुमत संपत्ती अल्पमत लोगो के पास है सत्ता भी है । और ताकत भी मीडिया भी इनकी गुलाम है और विदुर जी स्वार्थ से बोल रहे हो तो भगवान आपका भला करे और निस्वार्थ कांग्रेसी हो तो सावधान ये वो कांग्रेस नही है और दीपक भाजपाई आप भी सावधान ये वो भाजपा भी नही है ये नाम अलग है पर काम एक है । शासन आज भ्रष्टाचारियो का है पार्टी विशेष का नही ल। भाजपा खुद भी कांग्रेस से कम नही है काम उसके नेता भी पूरे वही कर रहे हैं न कर रहे होते तो आज अन्ना हजारे और बाबा जैसे लोगो की देश को जरूरत न होती
इसलिये हे प्यारे विदुर जी अंध भक्ती छोड़ तथ्य परक बातें किया करें और आज के चाय का बिल आप ही भरें ।


Friday, April 29, 2011

खलमाड़ी - मम्मी मै बेकसूर हूं

सीबीआई की हवालात में खलमाड़ी ने हवलदार को आवाज लगाई  हवलदार पुराना चांवल था नजदीक आकर बोला मुझे अपने जैसा समझ रखा है क्या मै कोई ऐसा काम नही करता की फ़ंस जाउं ।  भाई केवल मुझे एक पत्र भेजना है वो लिख कर भेज दो मै आजीवन आभारी रहूंगा । हवलदार बोला आभारी लोग भारी पड़ते हैं भाई बाद मे आवाज आती है ऐसा कौन सा है सगा जिसे हमने नही ठगा और तू तो खांग्रेसी है । बेचैन खलमाड़ी बोला मेरा रिकार्ड अच्छा है चाहो तो मेरे पुराने सुरक्षा कर्मियो से पूछ लो और मेरी गारंटी भी वही लोग ले लेंगे और मनभावन कैश भी देंगे ।

सहप्रजातियो की गारंटी ने हवलदार को संतुष्ट किया बोला क्या लिखना है बता खलमाड़ी ने कहा मम्मी जी इतना सुनते ही हवलदार छिटक गया भाई मै पूना तो किसी कीमत मे नही जाउंगा । खलमाड़ी बोले अरे भाई अपनी मां को कौन खांग्रेसी मम्मी  बोलता है मै तो आदरणीय मम्मी जी को  पत्र लिखवा रहा  हूं । हवलदार ने कहा आगे बोल खलमाड़ी ने शुरू किया आदरणीय मम्मी आपको मेरे बारे मे दुशमनो ने भड़काया है हवलदार फ़िर रूक गया बोला विदेशियो की साठ गांठ मे मै शामिल नही हो सकता  । खलमाड़ी ने कहा अरे भाई देश के अंदर भी दुश्मन हैं राजनीतिक यार तू अपना काम कर पूरा होगा तब दिमाग लगाना ।
खलमाड़ी चालू हुये मम्मी जी  मैने कुछ भी गलत नही किया है  हवलदार फ़िर खड़ा हो गया बोला साले देश की इज्जत बेच खाया सब जगह फ़जीहत हो गयी बोलता है चीन मे चूहे थे तो यहां भी होंगे । खलमाड़ी बोला यार तू हवलदार है की पत्रकार सबका जवाब तू ही देगा तो पैसे क्या फ़ोकट के लेगा । खलमाड़ी फ़िर से बोले मम्मी मैने तो पार्टीधर्म का पालन किया है सारे निर्णयो मे सबको साथ लिया है और पार्टी को दिया भी है । कौन कह सकता था कि मै चोर हूं अगर आपकी महिला नेत्री ज्यादा खाने के चक्कर मे देर न करती और अकेले न खाती तो क्या ये मामला बनता । मै तो कुछ सौ करोड़ का आपका सहकर्मी हूं मोहतरमा तो हजारो करोड़ की रंगकर्मी हैं । उसी के लालच के  कारण ही देरी हुई और सार भेद खुल गया ।


हवलदार बोला अबे सुन तेरी पार्टी बेशर्मी की हद लांघ चुकी है और तू पुराना इतिहास बता रहा है । जब तेरी पार्टी संसदीय परंपरा लोकतंत्र और नैतिकता  को भूल गयी तो तुझे क्या याद रखेगी । तू भी क्या याद रखेगा ले सुन मेरी शायरी


यहां अब नही रहे लाल बहादुर और आज़ाद ।
   तेरी पार्टी हो चुकी है बरबाद ।।

      प्रवक्ता हैं महान  अकड़ू नीश तिवारी ।
          तेरी पार्टी जल्दी ही हॊगी भगवान कॊ प्यारी ।।

             आज संसदीय समिती की बैठक मे मारपीट हो चुकी है ।
              और तेरी पार्टी अपनी शर्मो  हया खो चुकी है ॥

     तू आज की डेट मे इतिहास का है पन्ना ।
तेरा दल हर  घोटाले से है चौकन्ना  ।।

  और सुन मेरे प्यारे भाई ।
     भूल गयी है तुझे खांग्रेस आई ॥

        तेरी अकड़मती मम्मी के पाप का घड़ा भर रहा है बेटा ।
          बाहर आया तो किसी और केस मे जायेगा लपेटा ॥


     और सुन ले बेटा खलमाड़ी  खोल के अपने कान ।

       हर हफ़्ते तेरी पार्टी के नेता अंदर आना तय मान


   हो जा चौकन्ना और खबरदार ।

बन जा सीबीआई हवालात का नंबरदार ॥

  करोड़ों न सही दाल रोटी तो चलती रहेगी ।

     और घूस खाने की तेरी इच्छा भी पलती रहेगी ॥


इतनी शायरी सुना हवलदार मुड़ा और साथी से बोला यार ये सीबीआई की पोस्टिंग ठीक है जी भर के कैसी भी घटिया तुकबंदी सुनाओ शायरी सुनाओ ये बेचारे हवालती कही भाग भी नही पाते