हमें बुला मंच मे पूछा दवे जी आपका इस विषय पर क्या कहना है । हमने छूटते ही कहा दिग्विजय सिंग जिंदाबाद पहले तो लोगो ने इसे खेल भावना से लिया पर दुबारा नारा लगाते ही जनता मे रोष छा गया । एक ने गुस्से से कहा दवे जी बिना बात रखे ही पिटने का इरादा है क्या । हमने कहा भाई इस देश का एक ही नेता है जो मर्द है उसका नाम दिग्विजय सिंग है । जो सोचता है सामने बोलता है मन मे नही रखता और काम कांग्रेस का भी करता है और भाजपा का भी है कोई और नेता जो पार्टी निरपेक्ष हो । एक ने पूछा ये पार्टी निर्पेक्ष क्या बला है । हमने कहा भाई कांग्रेस मुसलमानो को अपने पीछे लामबंद करना चाहती है और भाजपा हिंदुओ को दिग्गी के बयानो से दोनो का हित होता है कि नही इधर हिंदू भड़कते हैं वहां मुसलमान सरकते हैं ।
एक ने कहा वो कमीना संघ का आतंकवादी हमलो मे हाथ की बात कहता है उसका क्या । हमने कहा कि हम लोग भी तो बम धमाका होते ही मुसलमानो को कोसने लगते हैं जबकि ये धमाके पाकिस्तान करवाता है हमको कमजोर करने के लिये ।फ़िर मैने संघ का नाम लेते हुये कानो को ठीक वैसे ही छुआ जैसे शायर और गायक अपने गुरूवों का नाम लेते हुये छूते हैं कहा भाई बदमाशो का गांव अलग से नही होता इसी गांव मे रहते हैं जैसे मुस्लिम लोगो मे उग्रवादी होते हैं वैसे हिंदुओ मे भी हो सकते हैं । इसमे भड़कने की तो कोई बात ही नही है और स्वीकारने मे हर्ज ही क्या है आतंकवाद जैसी मूर्खता का ठेका क्या सिर्फ़ मुसलमानो को मिला है । और रही बात संघ की तो संघ को भी ऐसे लोगो को अपने से दूर रखने का तरीका खोजना ही होगा । हेडगेवारजी से लेकर सुदर्शन जी तक कभी संघ ने आतंकवाद को प्रश्रय नही दिया । भोले भाले मासूम लोगो को मारने के की विचारधारा तो संघ की और हिंदुओ की कभी भी नही रही ।
एक हिंदू द विचारक नामक सज्जन भड़क गये बोले मतलब आपका दिग्गी सही है । मैने कहा भाई विचारक विचार करो ये दिग्गी नही है एक सोच है जो लोमड़ी सी चालाक है । यह सोच या कहें विचारधारा जानती है कि कांग्रेस किस तरह सत्ता मे बने रह सकती है इसलिये ये कांगेस पार्टी और उसकी मम्मी दिग्गी के श्रीमुख से ऐसे बयान दिलवाते रहती है ताकी हिंदू और मुस्लिमो मे नफ़रत जिंदा रहे । जिससे कांग्रेस मनचाहे मक्कारी करे लेकिन चुनावों मे उसका बाल भी बाका न हो ।आप जैसे विचारक जो मुसलमानो से इतिहास का बदला लेना है का नारा लगाते हो कांग्रेस के ही मुफ़्त स्वयंसेवक हो। अरे भाई इतिहास का बदला लेने की बारी ही लाना है फ़िर तो दलित भी बदला लेंगे आपसे हमसे इतने सालो उनका शॊषण किये हो कि नही । या आप उनसे कहोगे दलितो तुम भूल जाओ माफ़ कर दो और मुसलमानो हम नही भूलेंगे माफ़ नही करेंगे ।
तुम लोग देख नही रहे हो कि देश किस कदर लूटा जा रहा है । क्या मिला था विकीलीक्स मे एक एक मंत्री जम्बोजेट उपहार मे देने की क्षमता रखता है क्यो नही समझते कि आजादी के आंदोलन मे हमे सफ़लता एक साथ लड़ने से मिली थी । क्यो नही याद करते कि फ़ूट डालो और राज करो की नीती से ही अंग्रेजो ने हमे इतने साल गुलाम बनाये रखा और अब ये लोग मौज उड़ा रहे हैं । कितने जूते खा के कितने दिन लुट के तुमको ये बात समझ मे आयेगी । और यह मत सोचना कि आगे बम विस्फ़ोट नही होगा या दंगे नही होंगे हमको लड़ाने के तमाम हथियार इनके पास हैं और पैसा भी अकूत है ये साम दाम दंड भेद सब अपनायेंगे ।
दिग्गी पर गुस्सा आये अपने आप को कहो कि हम कितने मूर्ख हैं ये दिग्गी तो अपने बयान दे ही भड़काने के लिये रहा है और मजे कर रहा है आगे भी करता रहेगा। ये भाजपा वाले भी कम नही हैं इमानदारी की सड़क पर बेईमानी की सुंदरी को देख ये भी राह भटक चुके हैं । इनको भी लाईन मे लाना ही होगा जिस दिन देश मे आंदोलन केवल और केवल भ्रष्टाचार पर होगा उस दिन ही ये सारे चोर नेता अधिकारी सुधरेंगे ।
भाईयो मेरे साथ नारा लगाओ भारत माता की जय
ये नारा लगाते ही साहब मेरे उपर एक बाल्टी पानी पड़ा और श्रीमतीजी कि कड़कती आवाज कान मे गूंजी दिन मे तो चैन से रहने देते नही है नींद मे भी गला फ़ाड़ नारे लगा रहे हैं । हे भगवान किस पाप की सजा दे रहे हो ऐसे आदमी से शादी करवा कर ।
वैसे मित्रो सपना बुरा नही था काश कोई सम्मेलन वगेरह मे आमत्रित करता एक दो तालिया तो बजवा ही लेता कि नही